सुषमा का राहुल को जवाब, 'अगर आतंकवाद नहीं है तो अपनी SPG सुरक्षा हटा दीजिए'
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान 'आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं है' पर सुषमा स्वराज ने तगड़ा पलटवार किया है।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सियासी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस कथित बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं है। सुषमा स्वराज ने राहुल के बयान पर कहा कि अगर उन्हें आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं लगता तो फिर उन्हें अपना एसपीजी सुरक्षा कवर हटा देना चाहिए। सुषमा ने कहा, 'राहुल गांधी कहते हैं कि आतंकवाद नहीं बल्कि रोजगार एक मुद्दा है। मैं राहुल गांधी से कहना चाहती हूं कि अगर आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं है और देश में आतंकवाद नहीं है तो फिर वो हर जगह एसपीजी सुरक्षा के साथ क्यों जाते हैं।'

'हटवा लीजिए अपनी एसपीजी सुरक्षा'
सुषमा स्वराज ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री और राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी की हत्या के समय से अब तक आपका पूरा परिवार एसपीजी सुरक्षा के कवर में है। अगर आपको लगता है कि आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं है तो मैं आपसे कहना चाहती हूं कि आप लिखकर दीजिए और कहिए कि आपको एसपीजी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप मानते हैं कि इस देश में आतंकवाद नहीं है और आपको किसी से डर नहीं लगता।'

'विपक्ष को पीएम पर भरोसा नहीं, पाक पर है'
हैदराबाद में आयोजित एक चुनावी जनसभा में सुषमा स्वराज ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर की गई एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं है, लेकिन वे पाकिस्तान के नेताओं के बयानों को सही मानकर स्वीकार कर रहे हैं। सुषमा स्वराज ने कहा भारत की एयर स्ट्राइक के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमें समर्थन मिला और कई देशों के नेताओं ने उन्हें फोन कर आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया।

'मुंबई आतंकी हमले में क्यों नहीं की कार्रवाई'
सुषमा स्वराज ने आगे कहा, '2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में यूपीए सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस हमले में 40 विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे। इस चुनाव में हमारी सरकार के तीन ही मुद्दे हैं- सुरक्षा, विकास और कल्याण। आज 1.16 लाख गांव फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क से जुड़े हैं। पहले देश में केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे और आज 505 हो गए हैं। तेलंगाना में केवल चार केंद्र थे और अब 19 हो गए हैं।'












Click it and Unblock the Notifications