सुप्रिया सुले ने फोन पे- गूगल पे को टाइम बम बताया, सरकार से पूछा मुश्किल सवाल
एनसीपी-शरदचंद्र पवार सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया है कि गूगल पे, फोन पे जैसे ऐप टिक-टिक करते टाइम बॉम्ब हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर सरकार मनी लॉन्ड्रिंग पर निगरानी रखने के लिए सरकार क्या क्या कदम उठा रही है।
सरकार की ओर से संसद में जो श्वेत पत्र पेश किया गया है उसकी बहस के दौरान सुले ने कहा कि पेटीएम पेमेंट बैंक के साथ जो हुआ, वह एक चेतावनी है, यह एक तरह से मनी लॉन्ड्रिंग है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले महीने पीपीबीएल को निर्देश दिया है कि वह ग्राहकों से वैलेट में पैसे जमा कराना बंद करें, इसके साथ ही फास्ट टैग और अन्य वैलेट में भी 29 फरवरी से पैसे जमा करना बंद करें।
आरबीआई ने कहा कि कई बार दिशानिर्देश के बाद भी पेटीएम ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रिया सुले ने कहा कि गूगल पे, फोन पे दो टाइम बम है। गूगल पे, फोन का इस्तेमाल मुश्किल से यूपीआई पर किया जा रहा है। आखिर सरकार डिजिटल और कैशलेस इकोनॉमी को लेकर क्या क्या कर रही है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता विजय कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग का इस्तेमाल विपक्ष के सांसदों के खिलाफ कर रही है। उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र में इन एजेंसियों के दुरुपयोग को भी शामिल करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications