Delhi-NCR Pollution: बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पराली जलाने वालों से पर लगाया गया लाखों का जुर्माना
Delhi-NCR Pollution: दिल्ली और एनसीआर की हवा फिर से जहर बन चुकी है। लोग मास्क पहनकर घरों से निकल रहे हैं, बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही है, स्कूल बंद करने तक की नौबत आ गई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और राज्य सरकारों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि एजेंसियां तब क्यों जागती हैं जब स्थिति गंभीर हो जाती है?
कोर्ट ने साफ कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल रिपोर्ट या मीटिंग का विषय नहीं, बल्कि इसे रोकने के लिए समय पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से कहा कि अब तक उठाए गए कदमों और आगे की रणनीति पर विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद सीएक्यूएम ने मंगलवार को अपने कदमों की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और दावा किया कि हालात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

सीएक्यूएम ने बताया सुधार का ट्रेंड
सीएक्यूएम ने मंगलवार को एक्स पर नौ पोस्ट कर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कार्रवाई का ब्यौरा दिया। आयोग के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार देखने को मिल रहा है। रविवार को एक्यूआई 366 था, जो सोमवार को घटकर 309 और मंगलवार को 291 दर्ज हुआ। सीएक्यूएम ने कहा कि दिल्ली सरकार, एनसीआर के शहरों और पंजाब-हरियाणा की सरकारों के साथ मिलकर स्थिति को काबू में लाने की कोशिश की जा रही है।
ये भी पढ़ें: Delhi AQI Today: प्रदूषण से दिल्ली बेहाल, दमघोंटू हवा का कहर जारी, कितने खरब स्तर पर पहुंचा AQI?
पराली जलाने पर कड़ी निगरानी
आयोग ने बताया कि पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। चंडीगढ़ में एक निगरानी प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है और पंजाब व हरियाणा में 31 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं। ये टीमें खेतों में जाकर पराली जलाने की घटनाओं की रीयल-टाइम निगरानी कर रही हैं।
पंजाब और हरियाणा में घटी पराली की घटनाएं
सीएक्यूएम के आंकड़ों के मुताबिक, 15 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच पराली जलाने के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।
- पंजाब: इस साल 2,518 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि पिछले साल 4,132 थीं।
- हरियाणा: इस साल केवल 145 मामले सामने आए, जो पिछले साल के 857 से काफी कम हैं।
पंजाब में 2,161 और हरियाणा में 121 खेतों का निरीक्षण भी किया गया है।
सख्त कार्रवाई और जुर्माना
पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पंजाब में 946 और हरियाणा में 42 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही, पंजाब में 52.75 लाख रुपये और हरियाणा में तीन लाख रुपये का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया है। आयोग का कहना है कि इस बार नियम तोड़ने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रैप के तहत लागू हुए कई चरण
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया गया है। पहला चरण 14 अक्टूबर को और दूसरा चरण 19 अक्टूबर को लागू हुआ। 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-III और उससे नीचे के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
39 कदमों पर चल रहा काम
सीएक्यूएम ने बताया कि एनसीआर में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए 39 लक्षित कदमों पर काम किया जा रहा है। इनमें सड़क की धूल को नियंत्रित करना, निर्माण कार्यों की निगरानी, औद्योगिक उत्सर्जन पर सख्ती और वाहनों से निकलने वाले धुएं को सीमित करने जैसे उपाय शामिल हैं। आयोग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता में और सुधार देखने को मिलेगा।
ये भी पढ़ें: Punjab: पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 90% की कमी, मान सरकार की योजना हो रही कारगर












Click it and Unblock the Notifications