'सर्वाना भवन' के मालिक को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, तत्काल सरेंडर का आदेश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साउथ इंडियन फूड चेन सर्वाना भवन के मालिक पी राजगोपाल को तगड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पी राजगोपाल को राहत देने से इनकार कर दिया है जिसमें उन्होंने चिकित्सा आधार पर सरेंडर करने के लिए समय मांगा था। बता दें कि कर्मचारी की हत्या के एक मामले में कोर्ट ने राजगोपाल को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

कोर्ट के फैसले के बाद उनको 7 जुलाई को सरेंडर करना था। लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए अस्वस्थ्य होने का हवाला दिया और सरेंडर के लिए और अधिक समय मांगा था। लेकिन अब कोर्ट उनकी मांग को ठुकरा दिया है। अब उन्हें तत्काल आत्मसमर्पण करना होगा। राजगोपाल के स्वास्थ्य को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें 2009 में जमानत दी थी तब से बाहर ही थे।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाले बेंच ने यह कहते हुए राजागोपाल की याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई से पहले अस्वस्थता का मामला नहीं उठाया गया था। बता दें कि राजगोपाल को साल 2004 में अपने कर्मचारी संथाकुमार की किडनैपिंग और हत्या करने के मामले में निचली अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद राजगोपाल ने मद्रास हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी तो वहां उनका बड़ा झटका लगा। क्योंकि मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी सजा को बढ़ाते हुए उम्रकैद कर दिया।
इसके बाद राजगोपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजगोपाल ने अपने कर्मचारी की पत्नी से शादी करने के लिए संथाकुमार की हत्या की साजिश रची थी। जबकि संथाकुमार की पत्नी ने शादी करने से इनकार कर दिया। जो कि राजगोपाल को नागवार गुजरा और उसने संथाकुमार को ही खत्म करने का प्लान बना दिया।
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