'तब तक तो तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी', कोरोना से हुई मौतों पर मुआवजा केस में SC ने केंद्र को फटकारा
'तब तक तो तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी', कोरोना से हुई मौतों पर मुआवजा केस में SC ने केंद्र को फटकारा
नई दिल्ली, 03 सितंबर: कोरोना वायरस के कारण मरने वालों के परिजनों को मुआवजे देने के संबंध में दिशानिर्देश तैयार करने में देरी पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने केंद्र सरकार को फटकारते हुए कहा है कि जब कर आप लोग कोविड-19 के कारण मरने वालों के परिजनों को मुआवजे के संबंध में दिशानिर्देश तैयार करेंगे तब तक तो कोरोना की तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी। केंद्र सरकार के प्रति नाखुशी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितंबर तक पूरी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "जब तक आप और कदम उठाएंगे, तब तक तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी। मृत्यु प्रमाण पत्र, मुआवजे आदि के लिए आदेश बहुत पहले पारित किया गया था।" बता दें कि 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कोरोना से हुई मौतों पर अनुग्रह मुआवजा मानदंड तैयार करने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि वह 30 जून को पारित कोर्ट के आदेश को पारित करने में विफल क्यों हुए हैं? इसपर केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कहा है ये मामला अभी सरकार द्वारा विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से 11 सितंबर तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
30 जून 2021 को आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार को कोविद-19 की मौत के लिए अनुग्रह मुआवजे का भुगतान करने की आवश्यकता है क्योंकि कोरोना को 2005 के अधिनियम के तहत एक अधिसूचित आपदा घोषित किया गया था। हालांकि कोर्ट ने उस वक्त कितना मुआवजा देना है, इसकी मात्रा तय नहीं की थी। लेकिन कोर्ट ने 6 महीने के भीतर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को मुआवजा तय करने के लिए निर्देश दिए थे।












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