Supreme Court के जज ने भरी अदालत में क्यों मांगी माफी?
सर्वोच्च अदालत के जज जस्टिस गवई ने न्यायपालिका के लिए एक नई मिसाल कायम की है। ये पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट के जज ने माफी मांगी हो।

Justice BR Gavai Excuse : अदालत में पहला मौका होगा जब किसी जज ने न्यापालिका के लिए अलग मिसाल कायम कर दी। एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस बीआर गवई ने निर्णय देने में हुई देरी पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जब
सर्वेच्च अदालत के जज जस्टिस गवई चंडीगढ़ (Chandigarh) से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहे थे। मंगलवार को उन्होंने इस याचिका पर फैसला सुनाया। लेकिन निर्णय आने में 2 महीने की देरी हो गई। ऐसे में जस्टिस गवई ने मिसाल कायम करते हुए फैसले में हुई देरी के लिए माफी मांगी। साथ ही इसकी वजहा पक्षकारों को बताया।
इस मामले में थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.आर. गवई और एम.एम. सुंदरेश की खंडपीठ चंडीगढ़ शहर में एकल आवासीय इकाइयों को अपार्टमेंट में बदलने के चलन के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुना रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, "हमें विभिन्न अधिनियमों के सभी प्रावधानों और उनके तहत घोषित नियमों पर विचार करना था।" जस्टिस गवई ने आगे कहा, "अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्य स्तर पर विधायिका, कार्यपालिका और नीति निर्माता अव्यवस्थित विकास की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर ध्यान दें और यह सुनिश्चित करने के सभी उपाय करें कि विकास कार्यों से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।"
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