महाराष्ट्र सियासी संकट मामले में सुनवाई पूरी, Supreme Court के 5 जजों की पीठ के पास फैसला सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट को लेकर याचिकाओं के एक बैच पर आदेश सुरक्षित रखा है।

Shiv Sena vs Shiv Sena: सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना नेता वा महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और प्रतिद्वंदी उद्धव ठाकरे की ओर से दायर याचिकाओं पर पांच न्यायधीशों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के सियासी संकट को लेकर दायर याचिकायों के एक बैच की सुनवाई पूरी हो गई। मामले में जजों की पीठ ने अपनी फैसला सुरक्षित रख लिया है।
याचिका पर सुप्रीम में पांच जजों वाली संविधान पीठ में CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस मुकेश आर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं। इस पीठ ने मामले में 9 दिन तक सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने उद्धव ठाकरे गुट, शिंदे गुट और राज्यपाल की दलीलें सुनी।
अदालत में बृहस्पतिवार को शिवसेना बनाम शिवसेना मामले में उद्धव ठाकरे के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखा। CJI ने इस पर सवाल किया कि आप फिर से उद्धव ठाकरे सरकार को बहाल करने की मांग कैसे कर सकते हैं? मामले में जस्टिस एमआर शाह ने कहा की कोर्ट विश्वास मत का सामना नहीं करने वाली सरकार को फिर से कैसे बहाल कर सकती है। इसके जवाब में उद्धव ठाकरे के अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि राज्यपाल ने गैरकानूनी तरीके से फ्लोर टेस्ट बुलाया था। उन्होंने दावा किया कि आज भी महाराष्ट्र में गैरकानूनी सरकार चल रही है।
अदालत में CJI ने कहा कि शिवसेना के बागी विधायकों के बीजेपी में विलय करने की क्या आवश्यकता पड़ी, वो तो अभी भी शिवसैनिक की राजनीतिक पहचान के साथ हैं। सीजेआई ने कहा कि अधिवक्ता सिंघवी की दलील समस्या पैदा करने वाली है। क्योंकि दूसरे गुट के लोग भी खुद को शिवसैनिक कर रहे हैं।
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