कृष्ण जन्मभूमि मामला: सुप्रीम कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद में सर्वे पर बढ़ाई अंतरिम रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर सोमवार को बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद में सर्वे पर लगी रोक की अवधि बढ़ा दी है।
सर्वोच्च अदालत ने शाही ईदगाह मस्जिद के लिए आयोग नियुक्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक बढ़ा दी है, जो सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगी। मामले की सुनवाई अप्रैल तक जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में आयोग नियुक्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक बढ़ा दी है। सुनवाई की अगली तारीख तक यह रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट अप्रैल के शुरुआत में अब इस मामले की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है। जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, अप्रैल 2024 की पहली छमाही में फिर से सूचीबद्ध करें। इस बीच पक्ष दलीलें पूरी करेंगे और लिखित दलीलें दाखिल करेंगे। अंतरिम आदेश, जहां भी दिए जाएंगे, अगली तारीख तक जारी रहेंगे।
इससे पहले 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में मस्जिद का निरीक्षण करने के लिए आयुक्त नियुक्त करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने हिन्दू पक्षकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि आपकी अर्जी बहुत अस्पष्ट है। कोर्ट ने कहा था कि आपको स्पष्ट रूप से बताना होगा कि आप क्या चाहते हैं?
मामला 24 सितंबर, 2020 को शुरू हुआ, जब लखनऊ निवासी और वकील रंजना अग्निहोत्री और छह अन्य ने कटरा केशव देव मंदिर के साथ साझा परिसर से 17 वीं शताब्दी की शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने के लिए याचिका दायर की थी। जिसे 'कृष्ण जन्मभूमि' के नाम से जाना जाता है। याचिकाकर्ताओं ने "भगवान श्री कृष्ण विराजमान के अगले मित्र" के तहत याचिकाएं दायर कीं। याचिका में दलील दी गई कि मस्जिद का निर्माण श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की 13.37 एकड़ भूमि के एक हिस्से पर किया गया है।












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