तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जारी रहेगी बैंक खातों पर लगी रोक
तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नहीं खुलेंगे फ्रीज हुए बैंक खाते
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को समाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को झटका देते हुए उनके बैंक खातों को चालू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि गुजरात हाईकोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़, उनके पति और उनके द्वारा चलाए जा रहे दो एनजीओ के बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश दिए थे। तीस्ता ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उनके व्यक्ति खातों को चालू करने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने तीस्ता की इस याचिका को खारिज कर दिया।

तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति, जावेद आनंद पर आरोप है कि उन्होंने एनजीओ के जरिए गुजरात में 2002 दंगों में हुए पीड़ितों के नाम पर पैसे जुटाएं और उन पैसों का गलत इस्तमाल किया। गुजरात हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए 7 अक्टूबर 2015 को उनके बैंक खातों के सभी लेनदेन पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
यह मामला तब सामने आया था गुलबर्ग सोसायटी में रहने वाले एक शख्स, खान पठान ने तीस्ता सीतलावड़ और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि गुलबर्ग सोसायटी में 2002 दंगों में मारे गए 69 लोगों की याद में संग्रहालय बनाने के लिए जो फंड जमा किए गए थे उनका इस्तेमाल नहीं हुआ। इस मामले में जब क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच में आरोप लगाया कि गुलबर्ग सोसायटी में संग्रहालय बनाने के लिए जमा हुए फंड में से 1.51 करोड़ रुपये की तीस्ता सीतलवाड़ ने हेराफेरी की।
इस जांच के बाद ही तीस्ता सीतलवाड़, उनके पति और उनके द्वारा चलाए जा रहे दो एनजीओ के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया था। बता दें कि इस मामले में तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए भी याचिका दायर की थी जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।












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