अडानी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने क्या-क्या कहा, जानें टॉप प्वाइंट्स
Adani group के लिए शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा, जहां सुप्रीम कोर्ट की विशेषज्ञ कमेटी ने उसे क्लीनचिट दे दी है।

अडानी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। इस रिपोर्ट में गौतम अडानी और उनकी कंपनी के लिए राहत भरी खबर भी आई। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के अहम प्वाइंट्स-
-विशेषज्ञ समिति ने कोर्ट को बताया कि अडानी ग्रुप ने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है। इसके अलावा उसके शेयर के दाम में भी कोई हेरफेर नहीं हुआ। जांच में पता चला कि संबंधित पार्टी से लेनदेन में कोई गड़बड़ी नहीं है। ऐसे में जांच SEBI को करने दी जाए।
-समिति ने रिपोर्ट के जरिए कोर्ट को ये भी बताया कि अडानी ग्रुप ने सभी लाभकारी मालिकों का खुलासा किया है। इसके अलावा अडानी ग्रुप पर गैरकानूनी तरीके से निवेश के आरोप लगे थे। उन आरोपों को भी समिति ने गलत बताया।
-कमेटी ने साफ कहा कि उसकी रिपोर्ट के कुछ प्वाइंट्स को अंतिम ना माना जाए, क्योंकि SEBI की जांच अभी जारी है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद अंतिम निष्कर्ष निकल पाएगा।
-कमेटी ने जांच में पाया कि अडानी ग्रुप से जुड़ी 13 विदेशी संस्थाओं और प्रबंधन के तहत संपत्ति के लिए 42 योगदानकर्ताओं के बारे में अभी तक जानकारी नहीं है। ऐसे में SEBI इस मामले में जांच करे और पता लगाए कि इसमें कुछ गलत तो नहीं हुआ।
-वहीं अडानी के शेयर में कोई पैटर्न नहीं है। संभावना ये है कि बाजार के हिसाब से उनमें उतार-चढ़ाव हुए, जबकि हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अडानी ग्रुप ने शेयर में हेरफेर की और दाम को ओवर वैल्यू किया।
-रिपोर्ट के मुताबिक 13 ट्रांजेक्शन की पहचान की गई है। सेबी डेटा जुटाकर उनकी समीक्षा कर रहा है।
3 महीने में मांगी रिपोर्ट
वहीं दूसरी ओर सेबी ने जांच के लिए 6 महीने का वक्त मांगा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस पर राजी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि 3 महीने में जांच पूरी हो जानी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications