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Super Blue blood moon and total lunar eclipse : 31 जनवरी को चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में कहां आएगा नजर...

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    नई दिल्ली। 31 जनवरी की रात को साल 2018 का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। इसका समय शाम 5.58 मिनट पर शुरू होगा और रात 8.41 तक रहेगा लेकिन ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व सुबह 08:35 बजे से लग जाएगा। ग्रहण का मध्य एवं मोक्ष पूरे भारत मे दिखाई देगा। इलाहाबाद में चन्द्रोदय शाम को 5:40 बजे से ही ग्रहण दिखाई देगा जबकि लखनऊ में 5:41 पर ग्रहण लगा ही चंद्रमा दिखाई देगा। ये भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा।

    सुपरमून, ब्लूमून और चंद्र ग्रहण

    सुपरमून, ब्लूमून और चंद्र ग्रहण

    दरअसल जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है तो चंद्रमा बड़ा दिखाई देता है, इसे 'सुपर मून' कहते हैं और चूंकि एक महीने में दो बार 'सुपर मून' की घटना हो रही है इसलिए इस परिघटना को 'ब्लू मून' नाम दिया गया है और खास बात ये है कि इस दिन ग्रहण भी है। सुपरमून, ब्लूमून और चंद्र ग्रहण (जिसे ब्लड मून भी कहते हैं) एक साथ एक रात में नजर आएंगे, इसलिए इस घटना को 'सुपर ब्लू ब्लड मून' कहा जा रहा है।

    चांद तीन रंगों में दिखाई देगा

    चांद तीन रंगों में दिखाई देगा

    इस दिन चांद तीन रंगों में दिखाई देगा। ऐसी घटना 35 वर्ष बाद देखने को मिलेगी, जिसमें सूपर मून, ब्लू मून और ब्लड मूल तीन रूपों के दीदार हो सकेंगे। ऐसी दुर्लभ घटना एशिया में 30 दिसंबर 1982 को हुई थी।

    31 जनवरी

    31 जनवरी

    31 जनवरी के बाद भारत में 27 जुलाई को चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। लेकिन वह ब्लू मून या सूपर मून की तरह नहीं होगा।

    5वांसबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह

    5वांसबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह

    चंद्रग्रहण वो खगोलीय स्थिति है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सरल रेखा में होते हैं चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है। चंद्रग्रहण का प्रकार और अवधि चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं। चंद्रग्रहण को आप खुली आंखों से देख सकते हैं। चन्द्रमा पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है यह सौर मंडल का 5वांसबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है।

     पृथ्वी कि परिक्रमा

    पृथ्वी कि परिक्रमा

    पृथ्वी के मध्य से चन्द्रमा के मध्य तक कि दूरी 384, 403 किलोमीटर है। यह दूरी पृथ्वी कि परिधि के 30 गुना है। चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से 1/6 है। यह पृथ्वी कि परिक्रमा 27.3 दिन में पूरा करता है और अपने अक्ष के चारो ओर एक पूरा चक्कर भी 27.3 दिन में लगाता है। यही कारण है कि चन्द्रमा का एक हिस्सा या फेस हमेशा पृथ्वी की ओर होता है।

    Read Also:Blood Moon: 31 जनवरी को दिखेगा 'ब्लड मून', जानिए कुछ चौंकाने वाली बातें

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    English summary
    On January 31, the world will witness a rare super blue blood moon, which is called so because it is coinciding with a total lunar eclipse and a blue moon.

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