सुब्रमण्यम स्वामी बोले NPA के खेल में बड़े खिलाड़ी हैं गौतम अडानी, जवाबदेही तय हो नहीं तो डालेंगे PIL
स्वामी ने ट्वीट किया, 'सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे बड़े एनपीए बकाएदार गौतम अडानी हैं। समय आ गया है कि इसके लिए उनकी जिम्मेदारी तय की जाए, अन्यथा जनहित याचिका दायर की जाएगी।
नई दिल्ली। बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी को निशाने पर लिया है। स्वामी ने कहा है कि एनपीए यानि बैंक का कर्ज ना चुकाने वाले केवल नीरव मोदी और विजय माल्या ही नहीं है। इनसे बड़ी मछलियां भी एनपीए पूल में हैं। स्वामी ने ट्वीट कर गौतम अडानी पर एनपीए (नॉन परफॉर्मिग एसेट) का आरोप लगाया है। बीजेपी सांसद ने अपने ट्वीट में आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर जांच की जाए तो सबकुछ सामने आ जाएगा। हालांकि स्वामी ने गौतम अडानी के किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल होने की बात से इंकार किया है। स्वामी ने गौतम अडानी को सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा नॉन परफॉर्मिग एसेट (एनपीए) बकाएदार बताते हुए उनकी जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है।

स्वामी ने ट्वीट किया, 'सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे बड़े एनपीए बकाएदार गौतम अडानी हैं। समय आ गया है कि इसके लिए उनकी जिम्मेदारी तय की जाए, अन्यथा जनहित याचिका दायर की जाएगी।' स्वामी ने ट्टवीट कर कहा, 'मैंने ट्वीट कर बताया था कि उसकी (गौतम अडानी) स्थिति उलझी हुई दिखाई पड़ रही है। मेरे पास सूचना है कि उस पर करीब 72,000 करोड़ रुपये का एनपीए है। हालांकि यह बात केवल जांचके बाद ही साफ हो पाएगी। इसलिए मैंने यह सवाल उठाया। जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है तो इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।' स्वामी ने कहा कि अगर गौतम अडानी की जवाबदेही तय नहीं की जाती है तो इस मामले में वह जनहित याचिका दायर करेंगे।
उन्होंने कहा, 'वह कई चीजों से बच रहे हैं और कोई उनसे पूछताछ नहीं कर रहा है। यह सरकार के लिए शर्मनाक है क्योंकि वह खुद को इसके करीब बताते हैं।'स्वामी ने कहा कि सरकार को उनकी कंपनियों और एनपीए के खिलाफ सभी मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट मांगनी चाहिए। इसके साथ ही स्वामी ने अडानी समूह कोयला आयात पर उठे विवाद एवं ऑस्ट्रेलिया में उनके कारोबार पर भी रिपोर्ट मांगे जाने की मांग की है। हालांकि स्वामी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अडानी समूह ने कहा कि वह कम से कम समय में किफायती लागत पर दुनिया भर में विश्व स्तरीय इंफ्रा प्रोजेक्ट को पूरा करते रहे हैं। इसमें कहा गया है, ' भारी पूंजी आधारित प्रोजेक्ट के लिए कर्ज पूंजी की जरूरत होती है। हमारे ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए ही हमारे पास कर्ज के विभिन्न साधन हैं। हम इंटरनैशनल बॉन्ड्स, ईसीबी लोन, घरेलू बॉन्ड्स और निजी बैंकों के साथ सरकरी बैंकों से कर्ज लेते हैं।' आपको बता दें कि गौतम अडानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीब माना जाता हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गौतम अडानी की दोस्ती तब से है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे।












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