जादवपुर यूनिवर्सिटी में एंट्रेंस एग्जाम को लेकर बवाल, धरने पर बैठे छात्र
कोलकाता। जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन व शिक्षकों के बीच एडमिशन टेस्ट की नयी प्रक्रिया को लेकर मतभेद जारी है। जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से दाखिला प्रक्रिया में बड़े बदलाव किये हैं। नई प्रक्रिया को लेकर विवि के छात्रों में भी असंतोष है। छात्र लगातार विवि प्रशासन के फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, विश्वविद्यालय ने इस अकादमिक सत्र में 6 स्नातक कला पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा नहीं आयोजित करने का फैसला किया है। हम चाहते हैं कि परीक्षा पहले की तरह आयोजित करायी जाए, जैसे पहले होती आई है।

इस मामले पर विवि के प्रो-वाइस चांसलर ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि, परीक्षा की तारीख की घोषणा की थी लेकिन परीक्षा समितियों द्वारा परीक्षा की रूपरेखा पर कोई सर्वसम्मति से निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद हमने छात्रों को अपने अंक के आधार पर केवल इस सत्र के लिए प्रवेश देने का फैसला किया। मैं छात्रों से विरोध प्रदर्शन वापस लेने का अनुरोध करता हूं।
बता दें कि, वाइस चांसलर ने कहा था कि जादवपुर यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को दाखिला प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं है। इसी को लेकर शिक्षकों व प्रशासन में मतभेद है। वहीं टीचरों का कहना था कि, शिक्षकों की मांग है कि एडमिशन टेस्ट के प्रश्नपत्रों का पैटर्न में कोई बदलाव न किया जाये। कुछ मल्टीपल च्वाइस प्रश्न प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र में रखे जाएं।
वहीं इस पूरे मामले पर छात्रों का कहना है कि, ह्यूमनिटीज के 6 विषयों में एडमिशन टेस्ट 11 जुलाई को होनेवाला है लेकिन अभी तक कुछ भी क्लीयर नहीं हुआ है कि प्रश्नपत्र कैसे आयेंगे व इसके मूल्यांकन में एक्सटर्नल विशेषज्ञों की क्या भूमिका रहेगी। जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जूटा) के प्रतिनिधियों का कहना है कि हमने वाइस चांसलर से दाखिले में बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा है, यह ठीक नहीं है।












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