केरल: सीनियर ने कपड़े उतरवाकर ली क्रूर तरीके की रैगिंग, छात्र की किडनी फेल
पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों के कपड़े उतरवाकर घंटों उनकी रैगिंग ली गई जिसके बाद दो छात्र हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
कोट्टयम। केरल में कोट्टयम के एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स के साथ क्रूर तरीके से रैगिंग का एक मामला सामने आया है जिसमें दो छात्रों को हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा।
इनमें से एक की किडनी रैगिंग की वजह से फेल हो गई। इस केस में पुलिस ने 9 सीनियर छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

जूनियर छात्रों के कपड़े उतरवाकर क्रूर रैगिंग
इस बारे में त्रिशूर के हॉस्पिटल में भर्ती अविनाश ने बताया कि सीनियर्स ने 2 दिसंबर की रात में कुल नौ छात्रों को कपड़े उतार देने को कहा। उसके बाद अगले पांच घंटों तक टॉर्चर करते रहे। रैंगिंग में छात्रों से जमीन पर तैरने का नाटक करने को कहा गया, पुश अप से लेकर कई तरह के एक्सरसाइज देर तक करवाए गए। उनको शराब पीने को मजबूर किया गया।
अविनाश ने बताया, 'लगभग 5 घंटे तक यह सब होता रहा। हममें से कुछ छात्र बेहोश होकर जमीन पर गिरने लगे, फिर भी उन्होंने हमें जाने नहीं दिया।'
अविनाश की किडनी हो गई फेल
रैगिंग के अगले दिन अविनाश हॉस्टल से जब अपने घर त्रिशूर लौटा तो वह काफी कमजोर था। उसको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टर ने पाया कि उसकी किडनी फेल हो गई थी।

डॉक्टर ने कहा कि अविनाश की चार बार डायलिसिस की गई। इसके बाद अब उसकी हालत में सुधार है।
दलित छात्र अविनाश के पिता को रैगिंग के बारे में उसके दोस्तों से पता चला जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि वे गरीब हैं और मेडिकल खर्च नहीं उठाने में समर्थ नहीं हैं। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
इस रैगिंग का शिकार हुआ एक और छात्र कोच्चि के हॉस्पिटल में भर्ती है।
सभी आरोपी फरार, पुलिस केस दर्ज
इस मामले में 9 सीनियर स्टूडेंट्स को आरोपी बनाया गया है। सभी छात्र फरार हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वहां वे नहीं मिले।
कॉलेज प्रशासन ने सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ पुलिस ने हत्या की कोशिश, रैगिंग और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में एजुकेशन डिपार्टमेंट से रिपोर्ट तलब की है।












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