गुजरात 'मॉडल' जैसा होगा उत्तर प्रदेश, बिहार और नई दिल्ली
नई दिल्ली। भारत के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने 'गुजरात मॉडल' को एक आधार बनाकर लोक सभा चुनाव 2014 लड़ा और जबरदस्त जीत भी दर्ज की। वादे भी खूब किए लेकिन अब उन्हें पूरा करने का समय आ गया है।
यह कहना कतई अतिश्योक्ति नहीं होगा कि नरेंद्र मोदी को सिर्फ इसलिए देश की जनता ने चुना है क्योंकि उन्होंने अपनी रैलियों में विकास की बात कही है। आम जन के अरमान हैं कि उन्हें बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया हो और मोदी ने इन अरमानों को अपने कंधे पर लेकर पूरा करने का वादा किया है।
वर्ष 2002 के गुजरात दंगे और 2001 में आए तीव्र भूकंप के बाद भी नरेंद्र मोदी ने जिस तरीके से अपने राज्य में मुख्यमंत्री का पद संभालते हुए विकास का परचम लहराया उसे देख अब अन्य राज्यों के लोग भी मोदी से काफी उम्मीदें करने लगे हैं। भारत के कई राज्य ऐसे हैं जहां विकास की अत्यंत जरूरत है।
दीगर है कि उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद से अभी तक बिजली संकट व्याप्त है। नई दिल्ली देश की राजधानी होने के बाद अभी तक बिजली और पानी के संकट से जूझ रही है। यही हाल बिहार का हैं जहां सब कुछ होने के बाद भी राेजगार नहीं है। ऐसे ही कुछ राज्य और हैं जहां मोदी का विकास 'मॉडल' पहुंचना काफी जरूरी है।

उत्तर प्रदेश
1. सोलर पावर प्लांट की जरूरत
2. कानपुर में उद्योगों को बढ़ायें नहीं तो खत्म हो जायेगा शहर
3. बुंदेलखंड की गरीबी दूर करें, क्योंकि घास खाकर रह रहे हैं किसान
4. बंद पड़ीं शुगर मिलें खोलने की जरूरत

बिहार
1. कोसी नदी के कहर को नियंत्रित करने की जरूरत
2. बेरोजगारी को दूर करें, ताकि पलायन रुक सके
3. किसानों के लिये विशेष पैकेज की जरूरत
4. आईआईटी, आईआईएम खोलें

नई दिल्ली
1. बिजली संकट को दूर करने की जरूरत और करोड़ों के घोटाले पर रोक
2. महिला सुरक्षा को बढ़ाने की जरूरत
3. गरीबों को पानी देना एक चुनौती
4. बढ़ते अपराध ग्राफ को रोकना

महाराष्ट्र
1. किसानों की आत्महत्या पर रोक
2. पहाड़ी इलाकों में बिजली और पानी की सुविधा
3. महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्मों पर रोक
4. किसानों की गरीबी हटाने का प्रबंध

उड़ीसा
1. भुखमरी से लोगों को राहत
2. तकनीकी शिक्षा का विकास
3. बिजली की समस्या को दूर करना
4. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आम जन काे सुरक्षित करना












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