दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्य अभी भी लड़ रहे हैं कोरोना की दूसरी लहर से, 20 प्रतिशत से अधिक है पॉजिटिविट रेट
नई दिल्ली, मई 26। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, क्योंकि कोरोना के रोजाना आने वाले मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। पिछले एक महीने के अंदर कोरोना के मामलों में डेढ़ लाख तक की गिरावट आ गई है। इसके अलावा देश में पॉजिटिविटि रेट भी 25 प्रतिशत से घटकर 19 प्रतिशत, जबकि रोजाना होने वाली टेस्टिंग की संख्या भी 15 लाख से बढ़कर 22 लाख से अधिक हो गई है।

इन राज्यों में अब तेजी से घट रहे हैं केस
10 मई के बाद से देश में कोरोना के नए मामले रोजाना कम हो रहे हैं और पिछले दो हफ्तों (13-26 मई) में कोई तेजी नहीं आई है। महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे कई कोविड -19 हॉटस्पॉट राज्यों ने कोविड -19 मामलों में बहुत तेजी से गिरावट दर्ज की है। हालांकि इस राहत के बावजूद भी दक्षिण और पूर्वोत्तर के कुछ राज्य चिंता का विषय बने हुए हैं। यही वजह है कि भारत अभी भी महामारी की दूसरी लहर से लड़ रहा है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के जिन राज्यों में कोरोना के मामले अभी भी चिंता बढ़ा रहे हैं, वहां पर पॉजिटिविटि रेट भी 20 प्रतिशत से अधिक है।
इन राज्यों का पॉजिटिविटि रेट है काफी ज्यादा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, किसी राज्य में अगर कोरोना का पॉजिटिविटि रेट पांच प्रतिशत से कम का है तो ये साबित करता है कि वहां कोरोना का संक्रमण कंट्रोल में है। ऐसे में दक्षिण और पूर्वोत्तर के जिन राज्यों में पॉजिटिविटि रेट अभी भी 20 प्रतिशत से अधिक है तो वहां संक्रमण चिंता का विषय बना हुआ है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है।












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