किसानों की ऋण माफी पर बोले जेटली- राज्य खुद करें धन का इंतजाम

नई दिल्ली। एक ओर देश के तमाम राज्यों के किसान कर्ज माफी समेत कई मुद्दों को लेकर आंदोलित हैं तो दूसरी ओर तमाम मंत्रियों के सुर किसानों और अपनी ही सरकारों से मिलते नहीं दिख रहे हैं।

सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि महाराष्ट्र सरीखे राज्यो सरकारों को जो किसानों की ऋण माफी के लिए उत्सुक हैं उन्हें इसके लिए धन की व्यवस्था खुद से करनी होगी।

किसानों की ऋण माफी पर मदद नहीं करेगी केंद्र सरकार!

रिजर्व बैंक कर रहा है सूची तैयार

जेटली ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक उन देनदारों की सूची तैयार करने की ओर है जहां दिवालियापन और दिवालियापन संहिता प्रक्रिया के जरिए प्रस्ताव की आवश्यता होगी।

इससे पहले मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री गौरी शंकर बिशेन ने किसानों को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार किया है। गौरी शंकर ने कहा था कि सरकार किसानों को पहले ही बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध करा रही है ऐसे में कर्जमाफी की कोई जरूरत नहीं है।

मध्य प्रदेश के मंत्री ने कहा था...

गौरी शंकर ने कहा कि कर्ज माफी की कोई संभावना ही नहीं है क्योंकि जब साल 2008 में मैं मंत्री बना तो मैंने 3 फीसदी पर ऋण उपलब्ध कराने का वादा किया और उसके अगले साल हहमने 1 फीसदी ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया। इसके बाद ऋण शून्य फीसदी ब्याज पर उपलब्ध कराया। जब हमने ऋण पर कोई ब्याज लगाया ही नहीं तो हम माफ कैसे कर सकते हैं? मैं पूर्ण रूप से ऋण माफी के पक्ष में नहीं है। ना तब , ना अब।'

वहीं महाराष्ट्र के कृषि मंत्री ने इस बात के संकेत दिए हैं कि सभी किसानों के ऋण माफ कर दिए जाएंगे जिसके लिए बातचीत चल रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+