SSC Scam: तीन समन के बाद भी पेश नहीं हुए पार्थ चटर्जी, ED ने घर पहुंचकर की कार्रवाई, क्या है पूरा स्कैम?

ED Raids Partha Chatterjee Residence: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। शनिवार, 11 अप्रैल को सुबह केंद्रीय एजेंसी ने कोलकाता में दो महत्वपूर्ण ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।

इस कार्रवाई की जद में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और जेल में बंद बिचौलिए प्रसन्न कुमार रॉय का दफ्तर आया है।

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पार्थ चटर्जी, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पार्थ चटर्जी द्वारा जांच में सहयोग न करने और बार-बार समन की अनदेखी करने के बाद की गई है।

SSC Scam मामले में तीन बार समन ठुकराया, अब घर पहुंची ED

ED के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसएससी (SSC) घोटाले की जांच के सिलसिले में पार्थ चटर्जी को पूछताछ के लिए अब तक तीन बार समन जारी किए गए थे। हालांकि, पूर्व मंत्री एक बार भी जांच अधिकारी (IO) के सामने पेश नहीं हुए। जांच में उनके इस असहयोग को देखते हुए एजेंसी ने सीधे उनके दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी करने का फैसला किया।

कौन हैं प्रसन्न कुमार रॉय?

छापेमारी का दूसरा ठिकाना प्रसन्न कुमार रॉय का कार्यालय है। प्रसन्न को शिक्षक भर्ती घोटाले की सबसे अहम कड़ी और मुख्य बिचौलिया माना जाता है। वह वर्तमान में जेल में बंद है, लेकिन जांच अधिकारियों को संदेह है कि उसके दफ्तर से कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य या दस्तावेज मिल सकते हैं, जो घोटाले के पैसों के लेन-देन (Money Trail) का नया खुलासा कर सकें।

Partha Chatterjee पर क्या है आरोप, SSC Scam को लेकर ED की चार्जशीट में क्या-क्या है?

पार्थ चटर्जी की मुश्किलें साल 2022 से जारी हैं। जुलाई 2022 में ED ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में पहली बार उन्हें गिरफ्तार किया था। तब उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करीब 50 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। फरवरी-मार्च 2025 में करीब ढाई साल जेल में बिताने के बाद, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर 'शर्तिया जमानत' (Conditional Bail) दी थी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पार्थ चटर्जी के खिलाफ केवल एक मामला नहीं है, बल्कि वह भर्ती के कई मोर्चों पर जांच के घेरे में हैं।प्राइमरी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दौरान अवैध नियुक्तियां की गई। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में SSC सहायक शिक्षकों की बहाली में धांधली। स्कूलों में गैर-शिक्षण पदों पर पैसों के बदले नौकरियां बांटने का आरोप।

Bengal Election 2026 में क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस छापेमारी ने ममता बनर्जी की सरकार और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बैकफुट पर धकेल दिया है। विपक्ष (BJP) इस मुद्दे को 'बंगाल के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़' बताकर भुनाने की कोशिश कर रहा है।

वहीं, पार्थ चटर्जी के घर चल रही इस छापेमारी से यह संकेत मिल रहे हैं कि ED इस बार नई चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है, जो चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकती है। TMC फिलहाल इस मामले पर दूरी बनाए हुए है। बता दें कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद TMC ने पार्थ चटर्जी को उनके सभी सांगठनिक और मंत्री पदों से निलंबित कर दिया था।

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