श्रीलंका आर्थिक संकट: लगातार भारत आ रहे शरणार्थी, अब 19 लोग नाव से पहुंचे तमिलनाडु
नई दिल्ली, 10 अप्रैल: भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में आर्थिक संकट जारी है, जिसका असर अब हमारे देश पर भी पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या वहां से आने वाले शरणार्थी हैं। अब जाफना और मन्नार से 19 श्रीलंकाई तमिल नाव के जरिए तमिलनाडु के धनुषकोडी पहुंचे हैं। भारत में शरण लेने वाले इन लोगों ने कहा कि गंभीर आर्थिक संकट की वजह से अब उनका वहां पर रहना मुश्किल हो गया है। साथ ही वहां जरूरी सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
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इससे पहले शुक्रवार को दो बच्चों के साथ पति-पत्नी भारतीय तट पर पहुंचे थे। इन सभी को मिलाकर श्रीलंका से आए शरणार्थियों की संख्या 39 हो गई है। जिस हिसाब से हमारे पड़ोसी देश के हालात हैं, उससे आने वाले दिनों में संख्या बढ़ सकती है। हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, ताकि गैनकानूनी रूप से कोई भारत की सीमा में ना आ पाए।
वहीं दूसरी ओर 81 अरब डॉलर की श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था चरमराने के कगार पर है। वहां की सरकार के पास ऋण चुकाने के लिए फंड नहीं है। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार भी खाली हो गया है। कर्ज के जाल में फंसने से महंगाई आसमान छू रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक श्रीलंका को इस मुश्किल हालात से निकलने में कम से कम 6 महीने का वक्त लग जाएगा।
भारत लगातार कर रहा है मदद
भले ही श्रीलंका का झुकाव चीन की ओर ज्यादा है, लेकिन भारत मुश्किल वक्त में एक अच्छा पड़ोसी होने के नाते उसकी मदद कर रहा है। भारत ने हाल ही में आर्थिक संकट से निपटने के लिए श्रीलंका को वित्तीय सहायता के रूप में एक अरब डॉलर के ऋण की घोषणा की थी। इसके अलावा वहां राशन और ईंधन भेजे जा रहे हैं। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के मुताबिक तमिलों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए चावल और जीवन रक्षक दवाओं जैसे आवश्यक सामान श्रीलंका भेजे जा रहे हैं। उनको भारतीय उच्चायोग की मदद से बांटा जाएगा।












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