ओडिशा के पारादीप तट से पकड़ा गया संदिग्ध जासूस कबूतर, कैमरा और माइक्रोचिप फिट होने का संदेह
ओडिशा में समुद्र में एक मछली पकड़ने वाली बोट से संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया है। उसके पैरों में इलेक्ट्रोनिक गैजेट लगे होने का संदेह है। उसके पंख पर भी विदेशी भाषा में कुछ लिखा हुआ है।

ओडिशा में पारादीप तट के पास समुद्र में एक बोट पर एक संदिग्ध कबूतर आकर बैठा था, जिसे सतर्क मछुआरों ने पकड़कर मरीन पुलिस के हवाले कर दिया है। कबूतर के पैरों में ना सिर्फ कैमरे और माइक्रोचिप लगे होने का संदेह है, बल्कि उसके पंख पर विदेशी भाषा में कुछ लिखा भी हुआ है, जो स्थानीय प्रशासन की समझ के बाहर की चीज है। फिलहाल कबूतर के पैरों में फिट किए गए संदिग्ध इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। गौरतलब है कि ओडिशा के तट पर देश के कई सामरिक महत्त्व के ठिकानें भी मौजूद हैं।

ओडिशा में पकड़ा गया 'कैमरे' वाला जासूस कबूतर!
ओडिशा के पारादीप तट से एक संदिग्ध जासूस कबूतर पकड़ा गया है। उस कबूतर के पैरों में कुछ संदिग्ध डिवाइस लगे हैं। इनके बारे में कहा जा रहा है कि वे कैमरा और माइक्रोचिप जैसे इलेक्ट्रोनिक उपकरण हो सकते हैं। इस कबूतर को ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के पारादीप तट से मछली पकड़ने वाली एक बोट से पकड़ा गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पक्षी का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा था। कुछ मछुआरों ने संदिग्ध कबूतर को कुछ दिन पहले अपने टॉलर में देखा था। तब उन्होंने उसे पकड़ लिया और बुधवार को मरीन पुलिस के हवाले कर दिया।

कबूतर से माइक्रोचिप जुड़े होने का भी संदेह
जगतसिंहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक राहुल पीआर ने बताया है कि 'हमारे पशु चिकित्सक उस पक्षी की जांच करेंगे। इसके पैरों से लगी डिवाइसों की जांच के लिए हम स्टेट फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से मदद मांगेगे। ऐसा लगता है कि ये डिवाइस एक कैमरा और एक माइक्रोचिप है।' यह भी मालूम पड़ता है कि पक्षी के पंख पर ऐसी भाषा में कुछ लिखा हुआ है, जो स्थानीय पुलिस के लिए अज्ञात है। एसपी ने कहा कि 'क्या लिखा हुआ है यह पता करने के लिए 'एक्सपर्ट' की भी मदद ली जाएगी।'

कबूतर के पंख पर 'विदेशी' भाषा में क्या लिखा है ?
मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर 'सारथी' के एक कर्मचारी पितांबर बेहरा ने कहा कि उसने कबूतर को नाव पर बैठा देखा। उसने कहा, 'अचानक मैंने देखा कि पक्षी के पैरों से कुछ उपकरण जुड़े हुए हैं। मैंने यह भी पाया कि उसके पंखों पर कुछ लिखा हुआ है। मैं इसे नहीं समझ पाया, क्योंकि यह उड़िया में नहीं था।' जैसे ही परिंदा उसके नजदीक आया उसने उसे झटके से पकड़ लिया।

कोणार्क से करीब 35 किलोमीटर दूर की घटना
कबूतर तब देखा गया था जब ट्रॉलर कोणार्क के तट से करीब 35 किलोमीटर दूर लंगर डाला हुआ था। घटना करीब 10 दिन पहले की बताई गई है। बेहरा ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से कबूतर को चावल के टूटे दाने खिला रहा था। ओडिशा के पारादीप तट पर बड़ी तादाद में मछुआरे मछली पकड़ने के लिए दूर समुद्र में निकल जाते हैं। गौरतलब है कि ओडिशा के तट पर देश के कई अहम संस्थान हैं, जिनमें से कुछ सामरिक वजहों से काफी महत्वपूर्ण हैं। इससे पहले पारादीप के एएसपी ने यह जानकारी दी थी कि मछुआरों ने मछली पकड़ते वक्त एक संदिग्ध कबूतर पकड़ा है।
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जांच होने तक सुरक्षा में रहेगा कबूतर
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक शुरू में बोट पर मौजूद लोगों ने जिज्ञासा के चलते ही उसे पकड़ लिया था और पारादीप मरीन पुलिस को तट पर पहुंचने के बाद सौंप दिया था। ताजा जानकारी के मुताबिक कबूतर के पैरों से जुड़े सभी संदिग्ध उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि कबूतर के पंख पर जो कुछ लिखा है, वह विदेशी भाषा में है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच में एक हफ्ते लग सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक तहकीकात पूरी नहीं हो जाती कबूतर को सुरक्षा में रखा जाएगा। अगर कुछ भी आपत्तिजनक पाया जाता है तो अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा सकती है। (कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया वीडियो से) (इनपुट-पीटीआई-एएनआई)












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