याकूब की विधवा को सांसद बनाने की मांग करना पड़ा महंगा, सपा नेता को पार्टी ने किया बर्खास्त
नयी दिल्ली। मुंबई हमलों के आरोपी याकूब मेनन को फांसी दिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। इसी सियासी उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी के नेता फारुख घोसी को उनके पाद से बर्खास्त कर दिया गया है। दरअसल घोसी ने पार्टी के सामने ऐसी डिमांड रखी थी जिसे लेकर पार्टी सुप्रीमों नाराज हो गए।

मुंबई में समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद फारुक घोसी ने पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को पत्र लिखकर आतंकी याकूब मेमन की पत्नी राहीन को सांसद बनाने का मांग रखी ती। इस डिमांड के चंद घंटों बाद ही पार्टी ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया।
सपा नेता फारुक ने राहीन मेमन को असहाय बताते हुए समाजवादी मूल्यों का भी हवाला दिया था और कहा था कि उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया जाना चाहिए। घोसी ने पत्र में लिखा था कि कोर्ट ने याकूब को दोषी करार दिया और उनकी पत्नी राहीन मेमन को बरी कर दिया। उन्होंने लिखा कि राहीन असहाय लग रही हैं और उनकी मदद करना समाजवादियों का फर्ज है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान भी खुद को असहाय समझ रहे हैं. हमें साथ देना चाहिए और राहीन याकूब मेमन को संसद सदस्य बनाकर उन्हें असहायों की आवाज बनने देना चाहिए। सपा नेता की इस बयानबाजी को सपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबु आजमी ने उनकी ‘निजी’ और ‘गैर जिम्मेदाराना’ करार देते हुए उनसे सफाई मांगी है। उन्होंने उसी वक्त कार्रवाई की बात कह दी थी।












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