Soumya Case: एक हाथ वाला गोविंदाचामी कैसे चढ़ा दीवार पर? क्या रेप केस के दोषी को भगाया गया?
Soumya case: शुक्रवार को केरल के कन्नूर से चौंकाने वाली घटना सामने आई, यहां के सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक गोविंदाचामी उच्च सुरक्षा वाले कन्नूर सेंट्रल जेल से आज सुबह भाग गया, जिससे हड़कंप मच गया, हालांकि पुलिस ने चार घंटों की जदोजहद के बाद उसे अरेस्ट कर लिया है और इस मामले में तीन जेल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है।
आपको बता दें कि गोविंदाचामी साल 2011 के चर्चित 23 वर्षीय सौम्या के बलात्कार और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, उसने सौम्या को 1 फरवरी, 2011 को एर्नाकुलम से शोरानूर जा रही एक पैसेंजर ट्रेन में यात्रा करते समय ट्रेन से नीचे फेंक दिया था।

जिस पर वो घायल हो गई थी और उसके बाद गोविंदाचामी ने उसका रेप करके उसकी हत्या कर दी थी। सौम्या की बॉडी रेलवे पुलिस को ट्रैक के पास मिली थी, इस घृणित घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं
कुख्यात अपराधी के जेल से भागने पर हड़कंप मचा तो वहीं सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं क्योंकि वो जेल की उच्च सुरक्षा वाले बैरक में था, सुबह सात बजे उसे अपनी कोठरी से गायब पाए जाने के बाद उसके फरार होने की खबर सामने आई, जिसके बाद हड़कंप मच गया था, पुलिस ने गोविंदाचामी का मोस्ट वांटेड पोस्टर भी जारी किया था।
Soumya रेप केस का दोषी जेल कैसे हुआ फरार?
तो वहीं अभी तक जो भी जांच सामने आई है उसके मुताबिक जेल कर्मचारियों को परिसर की दीवार से लटकी हुई कपड़े से बनी एक रस्सी मिली थी और इसके ऊपर एक इलेक्ट्रिक बाड़ लगी हुई थी। गोविंदाचामी का केवल एक हाथ काम करता है, यह देखते हुए कि वह बिना किसी की नजर में आए दीवार पर कैसे चढ़ गया, ये एक बड़ा सवाल है।
आजीवन कारावास की सजा काट रहा था Govindachami
आपको बता दें कि 2016 में सर्वोच्च न्यायालय ने गोविंदाचामी पर आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। सौम्या की मां ने गोविंदाचामी जेल से भागने पर भारी निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, 'उच्च सुरक्षा वाली जेल में सभी सीसीटीवी प्रोटोकॉल के साथ यह कैसे हो सकता है। इसका मतलब है कि उसे कुछ हलकों से मदद मिली है और यह निराशाजनक है।'
'अपराधी को भागने में मदद की गई है' (Soumya Case)
पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने सरकार और पुलिस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 'अपराधी जेल से बाहर नहीं कूदा, बल्कि भागने में मदद की गई है', ये एक बड़ी साजिश है। आपको बता दें कि कन्नूर सेंट्रल जेल देश की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती रही है, इसकी मोटी दीवारों से बाहर निकलना काफी मुश्किल है और इसी वजह से यहां पर कुख्यात कैदी रखे जाते हैं। मालूम हो कि कन्नूर सेंट्रल जेल की स्थापना 1869 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। यह केरल की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी जेलों में से एक मानी जाती है।
124 एकड़ में फैली है जेल (Soumya Case)
इस जेल का क्षेत्रफल लगभग 124 एकड़ में फैला हुआ है। जेल की चारदीवारी ऊंची और मजबूत है, जिसके चारों ओर सुरक्षा गार्ड्स तैनात रहते हैं। CCTV कैमरे, बायोमेट्रिक सिस्टम और आधुनिक तकनीकों से लैस इस जेल का प्रशासन केरल राज्य की जेल विभाग के अधीन है, ऐसे में इस तरह से एक कैदी का यूं जेल से भाग जाना बहुत सारे सवाल खड़े करता है, हालांकि अब वो अरेस्ट हो गया है तो उम्मीद की जा रही है सभी सवालों के जवाब जल्द ही मिलेंगे।












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