दिल्ली-एनसीआर में बिछी SMOG की चादर, दीवाली से पहले ही घुटने लगा दम
देश की राजधानी दिल्ली का दम दीवाली से पहले ही घुटना शुरू हो गया है। धनतेरस की सुबह पूरा दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का दम दीवाली से पहले ही घुटना शुरू हो गया है। धनतेरस की सुबह पूरा दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 से पार दर्ज किया गया। लोधी रोड से लेकर राजपथ और मंदिर मार्ग से लेकर मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम स्मॉग की चादर में ढक गया है।

500 के पार हुआ एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह प्रदूषण सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सुबह एनसीआर के अधिकतर इलाके स्मॉग की चपेट में थे। मंदिर मंमार्ग, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम समेत कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 500 पार कर गया। सोमवार सुबह मंदिर मार्ग पर एक्यूआई 707, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पर 681, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम पर 676 दर्ज किया गया।

सोमवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग
वहीं दिल्ली के लोधी रोड इलाके में भी हवा का स्तर काफी खतरनाक पहुंच गया। 0-500 के पैमाने पर, 301-400 के एक्यूआई मान को 'बहुत गरीब' माना जाता है और 400 से ऊपर का मान 'गंभीर' माना जाता है। 0 से 50 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा माना जाता है। वहीं 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत गरीब, और 401 से 500 के बीच खतरनाक माना जाता है।

दिल्ली सरकार ने रोकथाम को उठाए बड़े कदम
शनिवार को पहाड़ों पर बर्फ पड़ने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम देखने को मिला था, लेकिन रविवार से हालात फिर खराब हो गए। दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए 1-10 नवंबर के बीच कोयला और बायोमास के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। दिल्ली सरकार ने भी प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाते हुए 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल की करीब 40 लाख गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया। दिल्ली सरकार ने बताया कि इस वक्त दिल्ली-एनसीआर में 1.10 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं और सरकार ने कोर्ट के आदेश के अनुसार 40 लाख ओवरएज वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है।

ऑड-ईवन फॉर्मूला हो सकता है लागू
वहीं हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने कहा है कि अगर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा तो ऑड-ईवन फॉर्मूला दोबारा लागू किया जा सकता है। इसके साथ प्रदूषण की रोकथाम के लिए निजी वाहनों पर भी रोक लगाई जा सकती है।












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