विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद केंद्र सरकार का फैसला, संसद में SIR पर नहीं होगी चर्चा
SIR In Bihar: बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बदलाव (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक संग्राम जारी है। संसद के दोनों सदनों से लेकर बिहार विधानसभा सत्र में में भी इसकी गूंज रही है। मानसून सेशन में संसद के दोनों सदनों में वोटर लिस्ट संशोधन पर चर्चा की मांग हो रही है। विपक्षी दलों के इस मुद्दे पर लगातार हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही अब तक एक भी दिन ठीक तरीके से नहीं चल सकी है। इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर संसद में बहस नहीं हो सकती है।
केंद्र सरकार ने बिहार में चल रही चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर कहा है कि संसद में इस पर कोई बहस नहीं हो सकती है। मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही विपक्षी दल इस प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस, आरजेडी और टीएमसी जैसे दल इसके विरोध में हैं।

SIR In Bihar: संसद में नहीं होगी चर्चा
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया का बिहार के प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम और टीएमसी ने भी इसका विरोध किया है। विपक्षी दलों ने संसद में मोशन भी रखा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक खबर आई है सरकार इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं कराना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार का तर्क है कि यह चुनाव आयोग का मामला है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश नहीं दिया है। इसलिए, सदन में इस पर चर्चा नहीं कराई जाएगी।
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बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन के मुद्दे पर विपक्षी दलों का पुरजोर विरोध जारी है। शुक्रवार को राहुल गांधी ने SIR से जुड़ा एक पोस्टर फाड़कर डस्टबिन में डाला था। प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार इसकी कमियों को छुपाना चाहती है। इसलिए संसद में चर्चा से भाग रही है।
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