MP News: सिंहस्थ 2028: सभी कार्य 2027 की दीपावली तक पूरे करने के निर्देश, 2923 करोड़ से अधिक के 22 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए 2,923.84 करोड़ रुपये की लागत वाले 22 प्रमुख प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। योजनाओं में उज्जैन के लिए विश्वसनीय बुनियादी ढांचा, थर्ड पार्टी ऑडिट और उत्सव के बाद उपयोगिता को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें 100 किमी के दायरे में ट्रांजिट सुधार, क्षिप्रा नदी तक पहुंच बढ़ाना और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल हैं।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयोजन से जुड़े सभी कार्य वर्ष 2027 की दीपावली तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और उन्हें समय रहते प्रशिक्षण भी दिया जाए।

मंत्रिमंडलीय समिति की पांचवीं बैठक में सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की गई और 2,923 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से 22 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी अधोसंरचना कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और उनकी निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए।
उन्होंने कहा कि उज्जैन में बनने वाले भवनों का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वे सिंहस्थ के बाद भी अन्य आयोजनों में उपयोगी साबित हों। साथ ही सड़कों का विकास इस तरह किया जाए कि महाकाल लोक के अलावा अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों तक आवागमन सुगम हो सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में होम स्टे, पार्किंग और अन्य जन सुविधाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। क्षिप्रा नदी पर पैदल यात्रियों के लिए अलग पुल बनाने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क और अन्य निर्माण कार्यों को मंजूरी
बैठक में शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण, सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों को मंजूरी दी गई। इनमें गुदरी चौराहा से हरसिद्धि क्षेत्र, देवास रोड से नानाखेड़ा, शिंदे नर्सिंग होम से नीलगंगा मार्ग, चौबीस खंबा माता मंदिर से रुद्र सागर तक सहित कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स स्वीकृत
सिंहस्थ मेले के बेहतर प्रबंधन के लिए 139.14 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस सेंटर के माध्यम से सीसीटीवी, ड्रोन और डेटा एनालिटिक्स की मदद से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही एआई आधारित भीड़ प्रबंधन और मोबाइल ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को रूट, पार्किंग और अन्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से मेला कंट्रोल रूम, मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब, स्काईवॉक और सर्किट हाउस के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। मेला क्षेत्र में स्थायी अधोसंरचना के तहत सड़क, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति और सीवरेज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन तैयारियों से सिंहस्थ-2028 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।












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