नीतीश कुमार भी हो सकते हैं एनडीए से अलग, शिवसेना ने बताई वजह

नई दिल्ली। जिस तरह से हाल ही में एनडीए के सहयोगी टीडीपी ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान किया उसके बाद शिवसेना ने बिहार में भी इसी घटनाक्रम के होने की संभावना जताई है। दरअसल जिस तरह से कुछ दिन पहले नीतीश कुमार ने नोटबंदी को लेकर बयान दिया था, उसके बाद शिवसेना ने कहा है कि अगर नीतीश कुमार भी भाजपा का साथ छोड़ देते हैं तो यह चौंकाने वाली बात नहीं होगी। शिवसेना की ओर से कहा गया है कि मुमकिन है कि नीतीश कुमार भी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के रास्ते पर चले और भाजपा से अलग हो जाएं, ऐसे में अगर ऐसा होता है तो आश्चर्यचकित होने की जरूरत नहीं है।

नीतीश चल सकते हैं नायडू के पदचिन्हों पर

नीतीश चल सकते हैं नायडू के पदचिन्हों पर

दरअसल नीतीश कुमार ने नोटबंदी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि नोटबंदी से क्या फायदा हुआ है। कुछ इसी तर्ज पर चंद्रबाबू नायडू ने भी नोटबंदी को विफल करार दिया था और एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था। शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे लेख में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के पक्ष में ही उन्हें समर्थन दिया था और इसे काला धन के खिलाफ लड़ाई बताया था। लेकिन वह एकदम से यह पूछने लगे हैं कि नोटबंदी से क्या फायदा हुआ। नोटबंदी से ना देश की अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ और ना ही साधारण आदमी को, ना ही इससे काला धन खत्म हुआ, ना ही नक्सलवाद, आतंकवाद और जाली नोट बंद हुआ।

नोटबंदी से नहीं कोई फायदा

नोटबंदी से नहीं कोई फायदा

सामने में छपे संपादकीय में कहा गया है कि आर्थिक क्रांति सिर्फ शब्दों में आई है नाकि हकीकत में, खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बात को स्वीकार किया है कि काला धन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। शिवसेना ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू भी नोटबंदी के बड़े समर्थक थे, लेकिन उन्होंने भी एनडीए छोड़ने की एक वजह के तौर पर नोटबंदी को बताया। अब नीतीश कुमार ने भी नोटबंदी पर सवाल खड़ा किया है और बैंकों की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। ऐसे में अगर नीतीश कुमार का भ्रम खत्म होता है और वह नायडू के पदचिन्हों पर चलते हैं तो इसमे आश्चर्य की कोई बात नहीं है।

सावरकर को लेकर साधा था निशाना

सावरकर को लेकर साधा था निशाना

आपको बता दें कि पिछले कुछ समय से शिवसेना और भाजपा के बीच लगातार विवाद की खबरें सामने आती रही है। जिस तरह से पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में वीडी सावरकर का जिक्र किया था उसपर शिवसेना ने दो टूक कहा था कि अगर रगों में हिन्दू खून हो तो वीर सावरकर को भारत रत्न दें। शिवसेना सांसद संजय राउत ने लेख में लिखा कि अगर एनडीए सरकार की रगों में विशुद्ध हिंदू रक्त मौजूद है तो वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान दिया जाए। मोदी सरकार पर हमला करते हुए संजय राउत ने आगे कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो घोषणा करें कि हिंदुत्व सिर्फ उनकी राजनीति में ही है।

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