शिवसेना ने उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार मार्ग्रेट अल्वा को समर्थन का किया ऐलान
नई दिल्ली, 18 जुलाई। शिवसेना ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार मार्ग्रेट अल्वा को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा का शिवसेना उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार को अपना समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान किया था, यह किसी भावना में आकर लिया गया फैसला नहीं है। द्रौपदी मुर्मू दलित महिला हैं और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आदिवासी रहते हैं। हमारे कई सांसद और विधायक भी आदिवासी हैं, मुर्मू के साथ भावनाएं जुड़ी हैं, हमारी पार्टी के नेता भी द्रौपदी मुर्मू से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, इसीलिए शिवसेना ने मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन उपराष्ट्रपते के चुनाव में हम विपक्ष के उम्मीदवार मार्ग्रेट अल्वा को अपना वोट देंगे।

बता दें कि भाजपा ने जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकर को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया था तो उसके बाद विपक्ष की भी एक बैठक हुई और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा हुई। हालांकि टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के नेता इस बैठक में शामिल नहीं हुए। 17 विपक्षी दलों के नेता उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम की चर्चा के लिए हुई बैठक में शामिल हुए थे, जिसमे सीपीआई एम, टीआरएस, आरजेडी, शिवसेना, कांग्रेस, आईयूएमएल सहित अन्य दल शामिल हुए। इन नेताओं की बैठक शरद पवार के घर पर हुई। इस दौरान मार्ग्रेट अल्वा के नाम पर आम सहमति बनी और उनके नाम का ऐलान कर दिया गया।
शरद पवार ने कहा कि ममता बनर्जी एक बैठक में व्यस्त थीं, इसलिए वह इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सकी, लेकिन मैं उनके संपर्क में हूं और बैठक से पहले उनसे बात की थी। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज विपक्ष के उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार को तय किया गया, लेकिन ममता बनर्जी एक बैठक में व्यस्त हैं, जिसकी वजह से वह यहां नहीं आ सकी, लेकिन उनकी शरद पवार से बात हुई है। बैठक में राम गोपाल यादव, सीताराम येचुरी, टीआरएस के केके संजय राउत, केशव राव, एडी सिंह, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खड़गे, ईटी मोहम्मद बशीर, वाइको, टीआर बालू शामिल हुए।












Click it and Unblock the Notifications