Shashi Tharoor : ' वो बीमार थीं...' पत्नी सुनंदा की मौत पर पहली बार थरूर ने तोड़ी चुप्पी, देखें VIDEO
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जीवन में तीन बार शादी की। उनकी तीसरी पत्नी सुनंदा पुष्कर की साल 2014 में दिल्ली के एक 5 स्टार होटल में रहस्यमयी मौत हो गयी थी।

Shashi Tharoor on Sunanda Pushkar: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने साल 2010 में कश्मीरी पंडित और बिजनेसवूमन सुनंदा पुष्कर से शादी की थी। दोनों की ये तीसरी शादी थी। दोनों ने बड़े ही पारंपरिक अंदाज में ब्याह रचाया था और इसी वजह से दोनों का रिलेशनशिप भी काफी चर्चा में रहा था।
दिल्ली के एक होटल में मृत मिली थीं सुनंदा पुष्कर
दोनों जिंदगी में खुशी-खुशी आगे बढ़ रहे थे कि अचानक साल 2014 में दिल्ली के मशहूर होटल में सुनंदा मृत पाई गई थीं। जिस वक्त सुनंदा होटल में मृत मिली थीं, उस वक्त थरूर दिल्ली के किसी इवेंट में व्यस्त थे। लेकिन सुनंदा की मौत का आरोप शशि थरूर पर लगा।
पत्रकार मेहर तरार से थरूर के रिश्ते!
मीडिया में ये बात सुर्खियां बनी की कि थरूर उन दिनों पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के प्यार में गिरफ्तार हैं, इसी वजह से सुनंदा और उनके बीच में कुछ ठीक नहीं चल रहा था और इसी कारण सुनंदा की मौत हुई।
ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी किया
थरुर पर सुनंदा की हत्या का आरोप लगा लेकिन लंबे वक्त तक चले इस केस में थरूर को साल 2021 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया।
'मैं दो-तीन लोगों को माफ नहीं कर पाऊंगा'
आम तौर पर सुनंदा के बारे में चुप रहने वाले थरूर ने पहली बार पब्लिक प्लेटफार्म पर अपनी बात कही है। इंडिया टीवी के मशहूर शो 'आप की अदालत' में थरूर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 'वो दौर बहुत दुखी करने वाला था। मैं कभी किसी की पर्सनल लाइफ पर टिप्पणी नहीं करता हूं लेकिन उस वक्त कुछ लोगों ने इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की इसलिए मैं दो-तीन लोगों को माफ नहीं कर पाऊंगा।'
'वो एक कश्मीरी पंडित और मैं केरलावासी'
इसके बाद थरूर ने कहा कि 'वो बीमार थीं, हम दोनों ने एक-दूसरे के प्यार में पड़ने के बाद शादी की थी, वरना कहां वो एक कश्मीरी पंडित और कहां मैं एक केरलवासी। जिस वक्त मुझ पर आरोप लग रहे थे। उस वक्त उनके दो भाई और इकलौता बेटा हमारे साथ ही थे और वो कह रहे थे कि ये सब इतना झूठ क्यों बोल रहे हैं। यहां तक कि कोर्ट में जज ने भी कहा कि ये तो कोई केस ही नहीं है, हत्या या आत्महत्या? ये प्रश्न ही नहीं उठता है, केस को खत्म कर देना चाहिए।"
'मैंने आज तक अपने बच्चों पर हाथ नहीं उठाया'
थरूर ने कहा कि 'मैंने आज तक अपने बच्चों पर हाथ नहीं उठाया लेकिन सोचिए उस वक्त कैसा मुझे महसूस होता होगा, जब लोग मेरे बारे में इस तरह की बाते करते थे। मेरे लिए वो बहुत दर्दभरा वक्त था।'
'मानसिक रूप से पीड़ित इंसान का ख्याल रखना चाहिए'
मतभेदों वाली बात पर थरूर ने कहा कि 'वो बीमार थीं, आप उनके Tweet पढ़ेंगे तो देखेंगे कि एक दिन वो खुश होकर ट्वीट करती थीं तो एक दिन दुखी होकर। जब पार्लियामेंट में मेंटल हेल्थ पर बिल आया था तो मैंने कहा भी था कि जब किसी टांग टूटती है तो हमें उससे सहानभूति होती है ऐसा ही हमें मानसिक रूप से पीड़ित इंसान के भी साथ करना चाहिए।'












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