शाजिया की 'सांप्रदायिक सीख' पर केजरीवाल चुप

यूट्यूब पर वायरल हुए इस वीडियो में इल्मी कुछ मुस्लिम नेताओं से कह रही हैं कि मुसलमान सेक्युलर होते हैं, उन्हें कम्युनल होना पड़ेगा। मुसलमान सांप्रदायिक नहीं होता और अपने लिए वोट नहीं करता। अरविंद केजरीवाल आप लोगों में से एक हैं।
गोरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने नामांकन दिवस पर भी शाज़िया की वीडियो पर चुप्पी नहीं तोड़ी है। इससे उनके विरोधियों ने हमला तेज कर दिया है कि केजरीवाल दूसरों की कमियों पर बरस पड़ते हैं, पर अपनी पार्टी पर लगाम नहीं लगा पाते।
यह भी पढ़ें - नगमा की आफत
कई बार आप कांग्रेस के लिए वोट करते हैं। कई बार दूसरे के लिए वोट करते हैं। इस बार ऐसे सेक्युलर मत बनिए। अपने हित को देखिए। हालांकि यह कहना विवादास्पद है, लेकिन यह जरूरी है। आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर शाजिया की निंदा की है पर इल्मी अपने कहे पर कायम हैं।
गाजियाबाद से लोकसभा प्रत्याशी शाजिया इल्मी के इस वीडियो के बारे में यह स्पष्ट नहीं कि वह कब का है और कहां का है और उसमें कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है, लेकिन खुद शाजिया ने इस बारे में अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब इतना था कि मुसलमानों को किसी भी तरह से सियासी गुलाम बनने के जरूरत नहीं है।
दरअसल मैं शब्दों से खेल रही थी और यह कहना चाह रही थी कि मुसलमान उन्हीं को वोट करें जो उनके विकास, रोजगार और शिक्षा के बारे में सोचता हो, लेकिन आप की ओर से किए गए एक ट्वीट में कहा गया है कि शाजिया को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। पार्टी ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करती। मनीष सिसोदिया ने भी शाजिया के इस बयान को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।












Click it and Unblock the Notifications