Congress President Election : शशि थरूर समेत पांच सांसदों का बयान, चुनाव में पारदर्शिता जरूरी
शशि थरूर समेत पांच कांग्रेस सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में पारदर्शिता पर जोर दिया है। shashi tharoor congress president poll transparency Karti Chidambaram Pradyut Bordoloi Abdul Khaleque
नई दिल्ली, 10 सितंबर : कांग्रेस के पांच सांसदों ने ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (AICC) के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखा है। कांग्रेस पार्टी प्रमुख का चुनाव करने के लिए इन सांसदों ने चुनाव प्रक्रिया की "पारदर्शिता और निष्पक्षता" पर चिंता व्यक्त की है। पांचों सांसदों ने मांग की है कि सभी मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों को मतदाता सूची सुरक्षित रूप से प्रदान की जानी चाहिए।
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बता दें कि मधुसूदन मिस्त्री को छह सितंबर को लिखे संयुक्त पत्र में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य शशि थरूर, कार्ति चिदंबरम, प्रद्युत बोरदोलोई और अब्दुल खलीक ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मतदाता सूची जारी करने की उनकी मांग को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
सांसदों ने लिखा, "हम यह सुझाव नहीं दे रहे हैं कि पार्टी के किसी भी आंतरिक दस्तावेज को इस तरह से जारी किया जाना चाहिए जिससे उन लोगों को मौका मिल सके जो हमारा अहित करने की इच्छा रखते हैं।" मिस्त्री को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा, "हमारा दृढ़ मत है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले, पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधियों की एक सूची प्रदान करनी चाहिए जो निर्वाचक मंडल बनाते हैं।"
उन्होंने प्रतिनिधियों की सूची की मांग के पीछे का कारण भी बताया और कहा कि यह सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि कौन उम्मीदवार नामित करने का हकदार है और कौन वोट देने का हकदार है। यदि केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण को सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची जारी करने के संबंध में कोई चिंता है, तो उसे सभी मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों के साथ इस जानकारी को सुरक्षित रूप से शेयर करने के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए। निर्वाचकों और उम्मीदवारों से देश भर में मतदाता सूची को सत्यापित करने के लिए सभी 28 प्रदेश कांग्रेस समिति और 9 केंद्र शासित प्रदेशों की इकाइयों में जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
मधुसूदन मिस्त्री को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा कि यह चुनाव प्रक्रिया से किसी भी तरह की अनुचित मनमानी को दूर करेगा। पत्र में कहा गया है, "पारदर्शिता के बारे में जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, किसी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में हमारी चिंता बनी रहेगी।"
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संसद सदस्य के रूप में, वे हमारी पार्टी के अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के बारे में चिंतित हैं। दिलचस्प है कि शशि थरूर और मनीष तिवारी उन 23 नेताओं के समूह में शामिल थे, जिन्होंने 2020 में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। इन नेताओं के ग्रुप को जी-23 कहा गया। इसमें शामिल गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल सरीखे दिग्गज नेता कांग्रेस पार्टी से अलग हो चुके हैं। खबरों के मुताबिक थरूर पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं।












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