'वोट बैंक के लिए हिंदू महिला को टारगेट किया', शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी पर CM ममता पर भड़की BJP
Sharmishta Panoli News: भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी को लेकर तीखा हमला बोला। रविवार 1 जून को पार्टी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए 22 वर्षीय हिंदू महिला को टारगेट किया है।
सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार रात को हरियाणा के गुरुग्राम से शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा वीडियो अपलोड किया था जिसमें कथित रूप से 'Operation Sindoor' पर बॉलीवुड सितारों की चुप्पी को लेकर सांप्रदायिक टिप्पणी की गई थी।

शनिवार को कोलकाता की एक अदालत ने शर्मीष्ठा को 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन पर धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने की नीयत से की गई हरकतों, और शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमानजनक टिप्पणी करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
अमित मालवीय बोले- युवा हिंदू महिला को तुष्टिकरण की राजनीति के तहत निशाना बनाया गया
भाजपा के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "22 वर्षीय शर्मीष्ठा पनोली को उस वीडियो के लिए गिरफ्तार किया गया है जिसे वह पहले ही डिलीट कर चुकी थीं और 15 मई को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग चुकी थीं। इसके बावजूद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।"
Sharmistha Panoli, just 22 years old, has been arrested and sent to 14-day judicial custody over a video she had already deleted and publicly apologised for on May 15. There have been no reports of communal unrest linked to her remarks, yet the Kolkata Police is acting with…
— Amit Malviya (@amitmalviya) June 1, 2025
मालवीय ने आगे कहा, "इस वीडियो से जुड़ा कोई सांप्रदायिक तनाव या हिंसा की खबर नहीं है, लेकिन कोलकाता पुलिस ने इस मामले में असामान्य रूप से तेजी दिखाई है।"
उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इससे कहीं ज्यादा विभाजनकारी बयान दे चुकी हैं, जिसके बाद कई बार जानमाल की हानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। क्या उनके खिलाफ भी इसी तेजी से कानून लागू होगा?"
मालवीय ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ पश्चिम बंगाल का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे एक युवा हिंदू महिला को तुष्टिकरण की राजनीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "न्याय राजनीतिक सहूलियत के आधार पर नहीं होना चाहिए, पूरा देश देख रहा है।"












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