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बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई पर शबाना आजमी का छलका आंसू, बोलीं- अपने बच्चों, पोते-पोतियों को क्या जवाब दूं?

बिलकिस बानो के दोषियों को रिहा करने पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता से साथ सरासर अन्याय हुआ और समाज की चुप्पी से स्तब्ध हूं।

नई दिल्ली, 01 सितंबर: बिलकिस बानो के दोषियों को रिहा करने पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता से साथ सरासर अन्याय हुआ और समाज की चुप्पी से स्तब्ध हूं। उन्होंने कहा कि मेरे पास बिलकिस बानो के लिए कोई शब्द नहीं है, सिवाय इसके कि मुझे बहुत शर्म आती है।

प्रेग्नेंट बिलकिस के साथ गैंगरेप

प्रेग्नेंट बिलकिस के साथ गैंगरेप

बता दें कि 2002 के गुजरात दंगों में जब बिलकिस बानो 21 साल की थीं, तब उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई। हमलावर उसके पड़ोसी थे। उन्होंने उसकी तीन साल की बेटी का सिर पत्थरों से मारकर हत्या कर दी। पांच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

दोषियों का स्वागत माला से हुआ

दोषियों का स्वागत माला से हुआ

जब देश ने 15 अगस्त को आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनायार। उसी दिन बिलकिस बानो के दोषियों को रिहा कर दिया गया। साथ ही उनका स्वागत मिठाई और फूलों के माला के साथ किया गया।

'क्या हमें उसके लिए नहीं लड़ना चाहिए'

'क्या हमें उसके लिए नहीं लड़ना चाहिए'

शबाना आजमी ने कहा कि इस महिला के साथ इतनी बड़ी त्रासदी हुई, फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। वह हर वक्त लड़ती रही। क्या हमें उसके लिए नहीं लड़ना चाहिए? क्या हमें छतों से नहीं चिल्लाना चाहिए ताकि इस व्यक्ति के साथ न्याय हो सके?

'मैं बहुत शर्मिंदा हूं'

'मैं बहुत शर्मिंदा हूं'

कहा कि जो महिलाएं इस देश में असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जिन महिलाओं को हर रोज बलात्कार की धमकी का सामना करना पड़ता है, क्या उन्हें सुरक्षा की भावना नहीं होनी चाहिए? मैं अपने बच्चों, अपने पोते-पोतियों को क्या जवाब दूं? मैं बिलकिस से क्या कह सकता हूं? मैं बहुत शर्मिंदा हूं।

'हमने पूरी मानवता खो दी'

'हमने पूरी मानवता खो दी'

शबाना आज़मी दिल्ली में छात्रों और महिला समूहों के हालिया विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए एक वीडियो भी साझा किया। राष्ट्रीय महिला आयोग पूरी तरह से चुप क्यों है? राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पूरी तरह चुप क्यों है? बीजेपी में महिलाएं पूरी तरह चुप क्यों हैं? जो अन्यथा बहुत मुखर महिलाएं हैं? क्या यह पार्टी लाइन का सवाल है? क्या हमने पूरी मानवता खो दी है? मुझे आश्चर्य है कि हम एक समाज के रूप में कहां जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- 85 साल के धर्मेंद्र ने 71 बरस की शबाना के साथ शेयर की रोमांटिक तस्वीर, कहा- 'इश्क है मुझे'

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