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अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार, PSA एक्ट के तहत भेजा गया जेल

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के अध्यक्ष यासीन मलिक को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार उन्हें जम्मू जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि अलगाववादी नेता को पुलिस ने 22 फरवरी देर रात उनके मैसूमा निवास से गिरफ्तार किया और फिर उसके बाद कोठीबाग पुलिस स्टेशन ले गई थी। 26 फरवरी को, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने JKLF के चेयरमैन यासीन मलिक के श्रीनगर निवास पर भी छापा मारा था। अब उन्हें कोट बलवाल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

29 साल से मामला है लंबित

29 साल से मामला है लंबित

सीबीआई ने जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है जिसमें मलिक के खिलाफ श्रीनगर से मामले को जम्मू स्थानांतरित करने की मांग की गई है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने अब यासीन मलिक से याचिका पर आपत्तियां मांगी हैं। सुनवाई की अगली तारीख 11 मार्च है। बता दें कि जम्मू में मामलों को स्थानांतरित करने के लिए सीबीआई की याचिका को कई नजरिए से अहम देखा जा रहा है। क्योंकि यह मामला पिछले 29 सालों से अधिक समय से लंबित है।

यासीन पर हैं अपहरण और हत्या जैसे गंभीर आरोप

यासीन पर हैं अपहरण और हत्या जैसे गंभीर आरोप

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ रूबिया सईद के अपहरण और 1990 में श्रीनगर में वायु सेना के पांच कर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी है। मलिक पर जस्टिस नीलकंठ गंझू की हत्या का भी आरोप है, जिस जज ने जेकेएलएफ के आतंकवादी मकबूल भट और श्रीनगर में दूरदर्शन केंद्र के पूर्व निदेशक लसा कौल को मौत की सजा सुनाई थी।

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पुलवामा हमले के बाद से एक्शन में सरकार

पुलवामा हमले के बाद से एक्शन में सरकार

बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिल पर हुए आंतकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जेश-ए-मोहम्मद ने ली है। इस घटना के बाद से ही सरकार ने अलगाववादियों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की थी। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक सहित कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया गया था। 17 फरवरी को, सरकार ने घोषणा की थी कि जम्मू और कश्मीर में छह अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है। सरकरा ने साफ कर दिया है कि अलगाववादियों को किसी भी बहाने सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी।

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English summary
Separatist leader Yasin Malik arrested under Public Safety Act, shifted to Jammu jail
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