देखें: लोकपाल बिल पर क्‍या है ट्विटर यूजर्स की राय

बैंगलोर। कई मायनों में आज का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक है, लोकपाल बिल लाने के लिए किये जा रहे दो साल के संघर्ष को आज सफलता मिली। हालांकि अभी भी इसे लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। भ्रष्‍टाचार के लिए अनशन करने वाले समाज सेवी अन्‍ना हजारे ने जहां इस पर खुशी जताई है वहीं उनके सहयोगी और आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल इससे खुश नहीं हैं। उन्‍होने इसे 'जोकपाल' तक करार दे दिया है। उनका कहना है कि इस बिल से भ्रष्‍टाचारियों को सजा नहीं मिलेगी और कोई भी जेल नहीं जाएगा। 'आप' नेता कुमार विश्‍वास ने कहा है कि यह ऐसा बिल है जिससे न तो राहुल गांधी को आपत्ति है न ही मुलायम सिंह यादव को।

ऐसे में सवाल उठना स्‍वाभ‍ाविक है कि क्‍या ये वहीं बिल है, जिसकी मांग दो साल पहले की गई थी। अन्‍ना ने बिल के जिन बिंदुओं पर सहमति जताई है वह हैं, प्रधानमंत्री का लोकपाल के दायरे में आना, सीबीआई और सीवीसी का सरकारी नियंत्रण से मुक्‍त होकर लोकपाल के दायरे में लाया जाना। जिस पर पहले राजनीतिक दलों की सहमति नहीं थी।

सत्‍ता पक्ष जहां इसे खुद की उपलब्धि बता रहा है, वहीं लोकसभा में भाजपा की नेता सुषमा स्‍वराज ने इसके लिए अन्‍ना हजारे और देश की जनता को श्रेय दिया है। उनके कथनानुसार इस बिल के लिए अगर कोई व्‍यक्ति जिम्‍मेदार है तो वह अकेले अन्‍ना हजारे हैं, जिन्‍होने कई दिनों तक भूखा रह कर देश के राजनीतिक दलों पर दबाव बनाया है।

अब यह तो आने वाले वक्‍त में ही पता चलेगा कि अन्‍ना का लोकपाल बिल भ्रष्‍टाचार पर कितना अंकुश लगा पाता है, लेकिन इसे आम जनता की एक जीत के रूप में देखा जा रहा है, आईये जानते हैं 'लोकपाल बिल' पर क्‍या है ट्विटर यूजर्स की राय।

सुमन गंगोपाध्‍याय

सुमन गंगोपाध्‍याय का कहना है कि 'लोकपाल बिल' के संसद में पास होने के पीछे सिर्फ अन्‍ना हजारे है और भारत रत्‍न के सच्‍चे हकदार हैं।

विजय संकरन

विजय संकरन का कहना है कि अब अन्‍ना को 'भारत रत्‍न' देने के लिए द्विलीय प्रस्‍ताव पारित करना चाहिए।

हर्षवर्द्धन तोमर

हर्षवर्द्धन तोमर ने इसे जनता की जीत कहा है और बधाई दी है।

आलोक शिंदे

आलोक का कहना है कि अब बिल पास हो जाने से अन्‍ना हजारे के पास कोई काम नहीं रह जाएगा।

भ्रष्‍टाचारमुक्‍त भारत

दिव्‍या सेन ने इसे भ्रष्‍टाचार मुक्‍त भारत के लिए जरूरी कदम बताया है।

नितिन पंडित

लोकपाल बिल के पास होने के बाद अब 'आप' को समर्थन।

अंजलि सिंह

भ्रष्‍टाचार खत्‍म होने की उम्‍मीद कम।

भाजपा नेता

भाजपा नेता पूनम महाजन ने इसे नई शुरूआत बताया है।

लोकपाल बिल

अन्‍ना बिना चुनाव लड़े लाये लोकपाल बिल।

रचित सेठ

राहुल गांधी के अनुसार यह भ्रष्‍टचार के खिलाफ उठाया गया एक कदम है।

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