जनता का खून लेते हैं मोदी, सोनिया और केजरीवाल !

politicians arrangements
लखनऊ। अक्‍सर आप सुनते होंगे नेता जनता का खून पीते हैं और हाल ही में जब अरविंद केजरीवाल गुजरात दौरे से लौटे तो उन्‍होंने कहा कि यहां के किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। क्‍या आप जानते हैं कि यही नेता जब चुनावी सभाएं करने जाते हैं तो जनता का खून भी लेते हैं। आखिर कैसे यह नेता रैलियों और चुनावी सभाओं के समय जनता का खून लेते हैं, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट।

अस्‍पतालों में बनता है वीआईपी वॉर्ड
लोकसभा चुनाव के लिए जहां सभी सियासी दलों के स्टार प्रचारक ताबड़तोड़ रैलियों के जरिए अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभाएं कर रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग की नजरें भी इन स्टार प्रचारकों पर हैं। स्टार प्रचारकों के चुनाव खर्च, नामों की सूची सहित अन्य मुद्दों को लेकर आयोग निर्देश जारी कर चुका है। सियासी घमासान में सभी दलों के स्टार प्रचारकों के आने से जनपदों में स्थानीय प्रशासन को भी विभिन्न तरह के अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं, जिनको लेकर अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। चुनावी सभा में कोई हादसा होने की स्थिति में इससे निपटने के लिए अस्पतालों में वीआईपी वार्ड भी बनाया जाता है। इसके अलावा वीआईपी के ब्लड ग्रुप का इंतजाम भी किया जाता है।

होता है खून का इंतजाम भी
चुनावी सभाओं में आने वाले स्टार प्रचारकों में सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर नजर आती है। सोनिया गांधी का ब्लड ग्रुप 'ओ पॉजीटिव' है। ऐसे में सोनिया के चुनावी दौरों के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाती है। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की तैनाती से लेकर 'ओ पॉजीटिव ब्लड' का भी इंतजाम किया जाता है। सोनिया की सभा से पहले ही एसपीजी के अफसर संबंधित जगह पर पहुंच सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से जांच करते हैं। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी के आने से पहले एसपीजी रैली स्थल पहुंचकर सेफ हाउस भी तैयार करा लेती है। इसकी पूरी पड़ताल भी एसपीजी द्वारा की जाती है। यह सेफ हाउस सभा स्थल से कुछ ही दूरी पर होता है और इसकी जानकारी गुप्त रखी जाती है।

नेताओं के ब्‍लड ग्रुप के खून का स्‍टॉक
आपात स्थिति में बड़े नेताओं को तत्काल कड़ी सुरक्षा घेरे में सेफ हाउस तक पहुंचाने की योजना होती है। इसी तरह कांग्रेस उपाध्यक्ष और पार्टी के दूसरे बड़े स्टार प्रचारक राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर भी एसपीजी सतर्कता बरत रही है। इन नेताओं के अलावा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के ब्लड ग्रुप का पता लगाकर उनका स्टॉक भी रखा जा रहा है। इन बड़े नेताओं को लेकर अस्पताल के वीआईपी वार्ड में डाक्टरों की तैनाती तक की जाती है। ताकि वीआईपी की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार दिया जा सके। कुछ ऐसा ही सुरक्षा घेरा लालकृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव सहित अन्य पार्टियों के बड़े नेताओं के लिए रहता है।

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