हाले-कश्मीर- खिचड़ी पकती भाजपा-नेशनल कांफ्रेंस में
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) कहते हैं कि सियासत में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। इसलिए कहा जा रहा है कि नेशनल कांफ्रेंस कोशिश कर रही है कि आगामी राज्य विधान सभा चुनाव के बाद वह भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ले।

जानकारों का कहना है कि नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं को मालूम है कि इस चुनाव में उसे दस सीटें भी मुश्किल से मिलेंगी। जनता उससे नाराज है। इसलिए उसके लिए बेहतर रहेगा कि वह विपक्ष में रहने की बजाय भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ले। इस बाबत दोनों दलों में डील होने की बात भी कही जा रही है।
भीम सिंह बोले
पैंथर्स पार्टी के चीफ भीम सिंह ने भी भाजपा-नेशनल कांफ्रेंस के बीच हुए डील के बारे में जम्मू में एक रैली के दौरान खुलासा किया। लेकिन भाजपा को प्रदेश में आतंरिक कलह से जूझना पड़ रहा है। अभी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव जीतने की उम्मीद ही पैदा हुई थी की भाजपा में कलह शुरू हो गई टिकटों के बंटवारे को लेकर।
जानकारों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व को पार्टी के भीतर कलह को रोकना होगा। अगर यह नहीं हुआ तो पार्टी को चुनावों में नुकसान हो सकता है। पार्टी विधायक लालचंद ने टिकट वितरण में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडने का ऐलान कर दिया है । इस बीच,लालचंद ने यह भी कहा कि कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस शामिल हुए नेताओं के कारण भाजपा के जमीनी स्तर के नेताओं को नजरअंदाज किया गया।
कई दिग्गज भी मैदान में
जम्मू के हीरा नगर से पार्टी के विधायक दुर्गा दास को भी टिकट नहीं मिला है। उन्होंने भी कहा है कि वे आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं। उन पर उनके समर्थक चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। बानी सीट से विधायक लाल चंद भी आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
उनका भी टिकट कटा है। इस बीच, उधमपुर से पार्टी के असरदार नेता पवन गुप्ता ने पार्टी छोड़ दी है। वे भी आजाद उम्मीदवार के लड़ सकते हैं। वे भाजपा के दिग्गज नेता शिव चरण गुप्ता के पुत्र हैं। उन्होंने छह बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था।












Click it and Unblock the Notifications