Renukaswamy Murder Case: कन्नड़ एक्टर दर्शन की बढ़ी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत, हुए अरेस्ट

Renukaswamy Murder Case: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता दर्शन थूगुदीपा का नाम पिछले एक साल से एक सनसनीखेज हत्या मामले में चर्चा में है। जून 2024 में हुए रेनुकास्वामी मर्डर केस ने पूरे कर्नाटक को हिला दिया था, और इस केस में दर्शन समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगे। कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन इस फैसले को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे।

आखिरकार 14 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दर्शन और छह अन्य की जमानत रद्द कर दी। अदालत ने साफ कहा कि "चाहे कोई कितना भी मशहूर या ताकतवर क्यों न हो, वह कानून से ऊपर नहीं है।" अब अभिनेता को तुरंत सरेंडर करना होगा और ट्रायल के दौरान जेल में रहना होगा। अदालत ने सभी आरोपियों को तुरंत आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया और राज्य सरकार को हिरासत में लेने के निर्देश दिए।

Darshan Thoogudeepa

बेंगलुरु साउथ के डीसीपी एस. गिरीश ने बताया कि रेनुकास्वामी हत्या मामले में अभिनेता दर्शन को भी गिरफ्तार किया गया है। बेंगलुरु साउथ के डीसीपी एस. गिरीश के अनुसार, अब तक पवित्रा गौड़ा, लक्ष्मण, प्रदोष और नागराज सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जेल में प्रभाव का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं होगा

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला ने चेतावनी दी कि अगर जेल में अभिनेता के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कोई फोटो या वीडियो सामने आया, तो कोर्ट इसके लिए राज्य प्रशासन को जवाबदेह ठहराएगा।
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हाईकोर्ट का आदेश 'त्रुटिपूर्ण'

जस्टिस आर. महादेवन के लिखित फैसले में कहा गया कि हाईकोर्ट ने जमानत देने में अपने विवेकाधिकार का "यांत्रिक तरीके" से इस्तेमाल किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश कई खामियों से भरा था और उसने हत्या के मामले के तथ्यों की गहराई से जांच की, जो केवल ट्रायल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र है।

जमानत से न्याय में बाधा का खतरा

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस मामले में आरोपी को ट्रायल के दौरान जमानत पर रखना "वास्तविक और निकट भविष्य में गंभीर खतरा" है, जो न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि हाईकोर्ट ने "विवेकाधिकार का विकृत इस्तेमाल" करते हुए लगभग बरी करने जैसा आदेश दिया था।

क्या है पूरा मामला?

  • राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के जरिए हाईकोर्ट के 13 दिसंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दर्शन और अन्य आरोपियों को जमानत दी गई थी।
  • दर्शन, अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और कुछ अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने 33 वर्षीय प्रशंसक रेनुकास्वामी का अपहरण कर तीन दिन तक बेंगलुरु के एक शेड में यातना दी। आरोप है कि पीड़ित ने पवित्रा गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे। जून 2024 में पीड़ित का शव एक नाले से बरामद हुआ था।

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