सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से पूछा निवेशकों को बांटे गए 18,000 करोड़ रुपए कहां से आए?
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से पूछा है कि वो बताएं कि निवेशकों को जो 18000 करोड़ रुपए लौटाने का दावा किया जा रहा है। आखिर वो पैसा आया कहां से है।

इसके स्रोत की जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात पर विश्वास करना कठिन है कि इतने कम समय में इतना ज्यादा पैसा आया कहां से। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से कहा है कि अगर निवेशकों को लौटाए गए पैसों का स्रोत अगर आप हमें बता दें तो हम इस पूरे पेंडोरा बॉक्स को ही बंद कर देंगे।
500 करोड़ सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के बाद पेरोल पर
आपको बताते चलें कि निवेशकों का पैसा न लौटाने को लेकर सहारा समूह पर कार्रवाई की गई थी। इसके चलते सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय कई महीने तक जेल में ही समय गुजाराा था। सुब्रत रॉय इस समय 500 करोड़ सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के बाद पेरोल पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी समूह के बैंक अकाउंट फ्रीज करने और संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी थी। पर बाद में विदेशों की संपत्ति को बेचने के लिए सुब्रत रॉय को कुछ मोहलत दी थी।
सेबी कोर्ट के सामने सही तथ्य नहीं रख रहा
सहारा समूह अभी तक सेबी को 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में बताया था कि सहारा समूह की देनदारी 36,000 करोड़ रुपये की है। सहारा समूह ने सेबी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेबी कोर्ट के सामने सही तथ्य नहीं रख रहा है। सहारा समूह ने कहा था कि लंदन और न्यूयॉर्क में स्थित होटलों की अपनी हिस्सेदारी को कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरटी को बेचने में लगा हुआ है।
सहारा प्रमुख बैंक गारंटी के तौर पर 300 करोड़ देने को तैयार
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया है कि वह 300 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा करने के लिए तैयार हैं।
सुब्रत रॉय की ओर से कहा कि सेक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) में जमा की जाने वाली इस रकम को बैंक गारंटी के तौर पर समायोजित किया जाए। सहारा प्रमुख की ओर से 300 करोड़ रुपये देने के मामले में कोर्ट अगले हफ्ते सुनवाई करेगा।
इससे पहले 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के पैरोल की अवधि 16 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी थी। कोर्ट ने उन्हें जेल से बाहर रहने के लिए 300 करोड़ रुपये और जमा करने के लिए कहा था।
इससे पहले 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के पैरोल की अवधि 16 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी थी। कोर्ट ने उन्हें जेल से बाहर रहने के लिए 300 करोड़ रुपये और जमा करने के लिए कहा था।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने बैंक गारंटी के तौर पर पांच हजार करोड़ रुपये की रकम जुटाने के लिए सहारा समूह को संपत्ति बेचने की इजाजत दी थी। वहीं जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये और जमा करने के लिए कहा गया था।आपको बता दें कि मां की मृत्यु की बाद सुब्रत रॉय और समूह के दो निदेशकों को सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल दी थी। 11 मई को उनकी पैरोल की अवधि और दो महीने के लिए बढ़ा दी गई थी।












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