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Satyapal Malik Cast: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की जाति क्या है?

Satyapal Malik Cast: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आज, 5 अगस्त को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। मलिक ने 79 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर राज्य के अंतिम राज्यपाल रहे।

मलिक के कार्यकाल के दौरान ही 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (Special status) समाप्त कर दिया गया था। तीन बार सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे मलिक, क्षेत्र में आतंकवाद की शुरुआत के बाद से जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल नियुक्त होने वाले पहले राजनेता थे।

former governor satyapal malik

सत्यपाल मलिक ने अपना राजनीतिक सफर 1960 के दशक के अंत में एक समाजवादी नेता के रूप में शुरू किया। वे पहले छात्र नेता थे। इसके बाद उन्होंने कई पार्टियां बदलीं- जैसे चौधरी चरण सिंह की भारतीय क्रांति दल, कांग्रेस और वी.पी. सिंह की जनता दल। आखिरकार 2004 में वे भाजपा में शामिल हो गए।

चौधरी चरण सिंह के साथ अपनी निकटता के कारण उन्होंने 1974 में चुनावी राजनीति में प्रवेश किया और पहली बार बागपत से विधायक चुने गए। बाद में, वे चरण सिंह के साथ लोकदल में शामिल हो गए, जिन्होंने उन्हें पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।

1980 में राज्यसभा में रखा कदम
साल 1980 में मलिक लोकदल का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा में गए। हालांकि, वे ज्यादा समय तक नहीं रहे। 1984 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए और 1986 में राज्यसभा में वापस आ गए।

2004 में मलिक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन बागपत में रालोद प्रमुख अजित सिंह से लोकसभा चुनाव हार गए। पहली मोदी सरकार के दौरान, मलिक को भूमि अधिग्रहण विधेयक की समीक्षा के लिए एक संसदीय समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनकी समिति ने विधेयक का विरोध किया और सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

Satyapal Malik Cast: सत्यपाल मलिक की जाति क्या है?
बागपत के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे सत्यपाल मलिक ने बहुत कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था। मलिक का जन्म उत्तर प्रदेश के बागपत के हिसावदा गांव में एक जाट परिवार में हुआ था। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय (Meerut University) से विज्ञान स्नातक (Bachelor of Science) और एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की। 1968-69 में मलिक छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए, जिससे उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई।

सत्यपाल मलिक: किसान राजनीति से राज्यपाल तक का सफर

  • जन्म: 24 जुलाई 1946
  • निधन: 5 अगस्त 2025 (उम्र 79 वर्ष)
  • जन्मस्थान: हिसावड़ा गांव, बागपत, उत्तर प्रदेश
  • शिक्षा: B.Sc. और LLB, मेरठ यूनिवर्सिटी

राजनीतिक करियर की शुरुआत
1974 में उन्होंने भारतीय क्रांति दल से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और बागपत से विधायक बने। चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से प्रभावित मलिक, किसानों के मुद्दों को प्रमुखता देने वाले नेता के रूप में पहचाने जाने लगे।

संसद और मंत्री पद

  • 1980 के दशक में वे राज्यसभा पहुंचे और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।
    1989 में उन्होंने जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और वी.पी. सिंह सरकार में पर्यटन और संसदीय कार्य राज्यमंत्री बने।

भाजपा में वापसी और किसान चेहरे के रूप में उभार

  • 2004 में सत्यपाल मलिक ने भाजपा जॉइन की और 2012 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए।
  • वे मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद भाजपा के जाट चेहरा बनकर उभरे।
  • उन्होंने गन्ना बेल्ट में भाजपा को फिर से संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।

स्वतंत्र विचारों वाले नेता

  • 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करने से परहेज नहीं किया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कई विवादास्पद बयान दिए, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह से अपने संबंधों को सार्वजनिक रूप से खराब नहीं होने दिया।
  • उनकी बेबाक शैली और सिद्धांतों पर अडिग रहने की आदत के कारण उन्हें कई बार विवादों में भी रहना पड़ा।

पारिवारिक जीवन

  • पत्नी: इकबाल मलिक, एक शिक्षाविद् और पर्यावरणविद्
  • पुत्र: देव कबीर मलिक, ग्राफिक डिज़ाइनर
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