सस्पेंड संजय झा अपने कांग्रेसी साथियों से बोले, मोदी का माइंडलेस विरोध ठीक नहीं
मोदी का माइंडलेस विरोध ठीक नहीं कांग्रेसी साथियों: संजय झा
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किए जा चुके नेता संजय झा ने कृषि विधेयक पर मोदी सरकार का बचाव करते हुए अपने ही कांग्रेसी साथियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी के नेताओं को प्रधानमंत्री का माइंडलेस विरोध नहीं करना चाहिए। जुलाई में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन भंग करने के आरोप में पार्टी से बर्खास्त नेता संजय झा ने शनिवार को एक ट्वीट कर ये बातें कही।

संजय झा ने लिखा कि मेरे कांग्रेस के साथियों, हमें पीएम मोदी का विरोध करना चाहिए, लेकिन जो चीजें जायज है उनका, विरोध को आप अपना जुनून ना बनाएं, कृषि उत्पाद बाजार समिति (APMC) एक सामान्य सा टेस्ट है, क्या एपीएमसी से एकाधिकार समाप्त नहीं होते हैं और इससे किसान की आय में वृद्धि होती है? अगर हां, तो बिल को वापस लें। इससे पहले भी एक ट्वीट में संजय झा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए बड़ा खुलासा किया था।

उन्होंने ट्वीट में लिखा, '2019 लोकसभा चुनावों के लिए हमारे कांग्रेस घोषणापत्र में, हमने खुद एपीएमसी अधिनियम को समाप्त करने और कृषि उपज को प्रतिबंधों से मुक्त बनाने का प्रस्ताव दिया था। यह मोदी सरकार ने किसानों के बिल में किया है। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस एकमत हैं।' शुक्रवार को झा ने कहा था कि कांग्रेस और बीजेपी कृषि बिल के मुद्दे पर एक ही पृष्ठ पर हैं, क्योंकि मोदी सरकार केवल वही कर रही थी जो कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले करने का वादा किया था। संजय झा ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में एमपीएमसी अधिनियम को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला हमला
दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, "अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है। हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी।"
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