'सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए', उदयनिधि स्टालिन अपने बयान पर डटे
उदयनिधि स्टालिन ने एक सभा को संबोधित करते हुए सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू से कर दी। उन्होंने कहा कि इस धर्म को खत्म कर देना चाहिए। स्टालिन के इस बयान से सियासी भूचाल सा आ गया।
तमिलनाडु सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर सुर्खियों पर छाए हुए हैं। रविवार शाम मीडिया से मुखातिब हुए स्टालिन ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि मैंने पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणी दे दी है।
आपको बता दें कि उदयनिधि स्टालिन ने एक सभा को संबोधित करते हुए सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू से कर दी। उन्होंने कहा कि इस धर्म को खत्म कर देना चाहिए। स्टालिन के इस बयान से सियासी भूचाल सा आ गया। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों और नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया भी देनी शुरू कर दी।

सुप्रीम कोर्ट के वकील ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
उधर, सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने विवादास्पद बयान को लेकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता विनीत जिंदल, एक प्रैक्टिस वकील, ने दावा किया है कि उदयनिधि ने एक भाषण में सनातन धर्म के खिलाफ उत्तेजक, भड़काऊ, अपमानजनक और उकसाने वाला बयान दिया है। शिकायतकर्ता वकील विनीत जिंदल ने कहा कि एक हिंदू और सनातन धर्म अनुयायी होने के नाते, उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को खत्म करने और सनातन की तुलना मच्छरों, डेंगू, कोरोना और मलेरिया से करने के बयान से मेरी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ता ने आगे कहा कि उदयनिधि के शब्द सनातन धर्म के प्रति उनकी नफरत को दर्शाते हैं। वह तमिलनाडु सरकार में एक विधायक और मंत्री हैं, जिन्होंने हमारे देश के संविधान के अनुसार काम करने और सभी क्षेत्रों का सम्मान करने की शपथ ली है। लेकिन, उन्होंने जानबूझकर आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देने के इरादे से सनातन धर्म के लिए उत्तेजक और अपमानजनक बयान दिया है।
अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन दलों पर साधा निशाना
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की 'सनातन धर्म' के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर विपक्षी भारतीय गठबंधन दलों पर जमकर निशाना साधा। शाह ने उन पर वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए 'सनातन धर्म' का अपमान करने का आरोप लगाया। इंडिया गठबंधन को "घमंडिया गठबंधन" करार देते हुए शाह ने कहा कि गठबंधन वोटबैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, लेकिन "जितना अधिक वे 'सनातन धर्म' के खिलाफ बात करेंगे, उतना ही कम दिखाई देंगे"। शाह ने कहा कि वे कहते हैं कि अगर मोदी जीतेंगे तो 'सनातन' शासन आएगा। 'सनातन' लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। मोदी ने कहा है कि देश संविधान के आधार पर चलेगा।" देश को सुरक्षित करने का काम किया।












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