'मौत जैसा एहसास', कौन हैं ये खूबसूरत सांसद जिसने सुनाया खौफनाक सच, कैसे बची 227 लोगों की जान? क्या है मामला?
Sagarika Ghose: दिल्ली में अचानक मौसम ने बुधवार को करवट ली, आंधी-तूफान के चलते केवल धरतीवालों को ही परेशानी नहीं हुई बल्कि इसकी वजह से आसमान में भी लोगों की आफत आ गई और वो सोचने लगे कि 'अब हम तो गए' लेकिन कहते हैं ना 'जाको राखें साइंयां मार सके ना कोई।'
दरअसल यहां बात हो रही है दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट की, जिसे कि 21 मई की रात को खराब मौसम की वजह से Turbulence से गुजरना पड़ा और एक बार तो ऐसा लगा कि विमान में सवार सभी 227 लोग अब जीवित नहीं बचेंगे लेकिन पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित श्रीनगर पहुंच गए।

इन यात्रियों में TMC की पांच सदस्यीय प्रतिमंडल की टीम भी थी, जिनके नाम थे डेरेक ओ ब्रायन, नदिमुल हक, सागरिका घोष, मानस भुनिया और ममता ठाकुर। इस भयानक घटना के बारे में सागरिका घोष ने ही मीडिया को बताया।
'लगा कि जीवित नहीं रहूंगी, मौत जैसा एहसास'
उन्होंने कहा कि 'लगा कि अब मैं जीवित नहीं रहूंगी, मौत जैसा एहसास हुआ, लोग चिल्ला रहे थे, भगवान से प्रार्थना कर रहे थे, शुक्र है पायलट का, जिसकी सुझबूझ से हम सभी सुरक्षित हैं।'
विमान का अगला हिस्सा डैमेज,सामने आई तस्वीर
आपको बता दें कि इंडिगो की फ्लाइट खराब मौसम की जब शिकार हुई तब पायलट ने तुरंत ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जानकारी दी, ओले और बारिश की वजह से विमान का अगला हिस्सा काफी डैमेज हो गया था, जिसकी तस्वीरें इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं।
सभी यात्री सुरक्षित, कोई नुकसान नहीं हुआ
विमान की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब तक प्लेन लैंड नहीं किया होगा, उस वक्त तक सभी यात्रियों की क्या हालत हुई होगी।
सोशल मीडिया पर चर्चित हुईं Sagarika Ghose
फिलहाल आंखों देखा हाल बताने वाली सागरिका घोष एक बार फिर से सोशल मीडिया पर चर्चित हो गई हैं। कुछ लोगों ने उन्हें सुरक्षित रखने के लिए ईश्वर का 'शुक्रिया' अदा किया है तो वहीं दूसरी ओर लोग ये भी कह रह हैं कि भले ही वो राजनेता बन गई हैं लेकिन उनके अंदर का पत्रकार अभी जिंदा है।
भारतीय पत्रकारिता जगत का बड़ा नाम रही हैं सागरिका
मालूम हो कि सागरिका घोष , भारतीय पत्रकारिता जगत का, बड़ा नाम रही हैं। वो संसद सदस्य, पत्रकार, स्तंभकार और लेखिका हैं। उन्होंने अपने करियर में 'द टाइम्स ऑफ इंडिया', 'आउटलुक' और 'द इंडियन एक्सप्रेस' जैसे संस्थानों में काम किया है। वो बीबीसी वर्ल्ड के 'क्वेश्चन टाइम इंडिया' और समाचार नेटवर्क सीएनएन-आईबीएन पर प्राइम टाइम एंकर भी रह चुकी हैं।
Sagarika Ghose ने दो उपन्यास भी लिखे हैं
Beauty with Brain कहलाने वाली सागरिका घोष ने दो उपन्यास भी लिखे हैं। संगीता घोष ने दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के.पुरम से पढ़ाई की और सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में बीए किया। उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड से एमफिल किया है।
न्यूज़ एंकर राजदीप सरदेसाई की पत्नी हैं सागरिका
वो भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1960 बैच के पूर्व अधिकारी भास्कर घोष की बेटी हैं तो वहीं उनकी शादी देश के मशहूर पत्रकार और न्यूज एंकर राजदीप सरदेसाई से हुई है, जो पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर दिलीप सरदेसाई के बेटे हैं, दोनों की पहली मुलाकात ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में हुई थी, जहां वे पढ़ाई कर रहे थे।
'हॉटलाइन कपल' कहलाते थे सागरिका-राजदीप
1990 के दशक की शुरुआत में, जब सागरिका 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में और राजदीप 'द टेलीग्राफ' में कार्यरत थे, तो दिल्ली और मुंबई के कार्यालयों के बीच एक हॉटलाइन के माध्यम से उनकी बातचीत होती थी। इस कारण उन्हें 'हॉटलाइन कपल' कहा जाने लगा।
साल 2024 में टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचीं Sagarika Ghose
11 अप्रैल 1994 को दोनों की शादी हुई, इस शादी से दोनों को दो बच्चे हैं, बेटा डॉ. ईशान सरदेसाई और बेटी तारिणी सरदेसाई है। ईशान सरदेसाई, एक ईएनटी और फेशियल एस्थेटिक सर्जन हैं और तारिणी वकील हैं।
साल 2024 में ही वो टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचीं
सागरिका का राजनीतिक करियर ज्यादा पुराना नहीं है, उन्होंने 11 फरवरी 2024 को तृणमूल कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया था और साल 2024 में ही वो टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचीं।














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