Sadhvi Pragya Thakur ने कोर्ट के सामने दी गवाही में किया दावा, 'करकरे ने लातों और बेल्ट से पीटा, मुक्के मारे'

Sadhvi Pragya Thakur: मालेगांव बम धमाके में बरी कर दी गईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कोर्ट में दी गवाही में अपने साथ शारीरिक और मानसिक शोषण का दावा किया था। टीवी 9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, साध्वी प्रज्ञा ने कोर्ट में दर्ज सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपने 30 पन्नों के बयान में एटीएस चीफ हेमंत करकरे और जांच टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी गवाही में उन्होंने दावा किया था कि उन पर पर भगवा आतंकवाद फैलाने और पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी समेत कई प्रमुख लोगों के नाम लेने का दबाव बनाया था।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उन्हें शारीरिक के साथ मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे ने उन्हें धमकी दी थी और उनके गुरु का नाम लेकर अपशब्द कहे थे। साध्वी प्रज्ञा ने अपनी गवाही में दावा किया, 'मुझे तोड़ने के लिए मानसिक प्रताड़ना दी गई। मुझसे कहा गया कि तेरे गुरु को लाकर यहां गिराएंगे। जो भगवा तूने पहन रखा है उसे नंगा करके यही रख देंगे। तेरा और तेरे गुरु का सारा ड्रामा अब खत्म होगा।'

Sadhvi Pragya Thakur

Sadhvi Pragya Thakur ने हेमंत करकरे पर लगाए आरोप

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि 13 दिनों तक की कस्टडी में हेमंत करकरे और उनकी टीम ने बार-बार मेरा टार्चर किया। मुझे टॉर्चर कर दबाव बनाया जाता था कि बताओ मालेगांव ब्लास्ट का आदेश किसने दिया और किसके कहने पर यह हमला किया गया था।' उन्होंने कहा कि उनके आध्यात्मिक गुरु का नाम लेकर उन्हें प्रताड़ना दी गई। उन्होंने अपनी गवाही में कहा, 'करकरे ने मेरे साथ शारीरिक हिंसा की थी। मुझे बाल पकड़कर घसीटा और मेरा सिर दीवार में पटक दिया था। मेरा गला इतनी जोर से दबाया कि मेरी सांसें रुक गईं और इसके बाद भी कहा कि तू अभी जिंदा है, लेकिन अगर हमारी बात नहीं मानी तो जिंदा नहीं बचेगी।'

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कोर्ट को दी गवाही में शारीरिक प्रताड़ना का जिक्र

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने अपने दर्ज बयान में कहा कि उनके कपड़े फाड़े गए थे और दर्जनों बार अधिकारियों ने बेल्ट से पीटा था। इतना ही नहीं गर्म पानी में उनकी ऊंगलियां डाल दी गई थीं। एनआई कोर्ट ने इस केस में सभी 7 आरोपियों को बरी करते हुए अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसियों ने जो गंभीर आरोप लगाए हैं उसे साबित करने के लिए जरूरी प्रमाण पेश नहीं किए हैं। जांच एजेंसी धमाके की साजिश रचने, उसमें शामिल होने और उसे अंजाम देने के प्रमाण पेश करने में असफल रही है।

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