साध्वी प्राची का बीजेपी पर हमला, तीन राज्यों में हार राम मंदिर के निर्माण में देरी का नतीजा

पटना। देश में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर लगातार सियासी बयानबाजी जारी है। सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने एक बार फिर राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाकर महौल को गर्मा दिया है। बिहार के नालंदा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए साध्वी प्राची ने दुनिया की कोई ताकत राम मंदिर बनने से नहीं रोक सकती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को इसके लिए कानून लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के नतीजे राम मंदिर के निर्माण पर बेरुखी का ही नतीजा हैं।

चुनाव के नतीजे राम मंदिर के निर्माण पर बेरुखी का ही नतीजा हैं

चुनाव के नतीजे राम मंदिर के निर्माण पर बेरुखी का ही नतीजा हैं

बिहारशरीफ में एक सभा में हिस्सा लेने पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि, मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के नतीजे राम मंदिर के निर्माण पर बेरुखी का ही नतीजा हैं। राम मंदिर के मुद्दे पर भी सरकार कोई ठोस फॉर्मूला लाए जैसे एससी-एसटी एक्ट पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए संशोधित एससी-एसटी एक्ट को संसद में पारित कर दिया था। आतंकवादियों के लिए अगर कोर्ट रात में खुल सकती है तो फिर रामलला के लिए इतनी देर क्यों हो रही है?

हर चीज सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती

हर चीज सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती

साध्वी ने कहा कि सूर्य अपनी गर्मी छोड़ सकता है, चांद अपनी शीतलता छोड़ सकता है, सागर अपनी सीमा का उल्लंघन कर सकता है। लेकिन, दुनिया की कोई ताकत अयोध्या में राम मंदिर बनने से नहीं रोक सकती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द से जल्द कानून लाना चाहिए। साध्वी प्राची ने कहा कि, उनके जीवन का लक्ष्य राजनीति करना नहीं, बल्कि हिन्दुओं की रक्षा और सुरक्षा करना है। साध्वी ने कहा कि हर चीज सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती है।

राम को इस कदर भूल जाना सरकार के लिए खतरे की घंटी

राम को इस कदर भूल जाना सरकार के लिए खतरे की घंटी

बीजेपी का नाम लिए बगैर हमला बोलते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि, राम को इस कदर भूल जाना सरकार के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि राम मंदिर को लेकर सरकार की ढुलमुल रवैये से संत समाज और करोड़ो हिंदुओं में भयानक आक्रोश है। सरकार ने जैसी जल्दी संशोधित एससी-एसटी एक्ट पर दिखाई उसी तरह राम मंदिर के निर्माण में भी दिखानी चाहिए। नहीं तो जनता को उन्हें सत्ता से हटाने में समय नहीं लगेगा।

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