कांग्रेस को अब 'क्रिकेट के भगवान' से उम्मीद

राष्ट्रपति ने पिछले साल ही रेखा और सचिन समेत 12 लोगों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। राज्यसभा के नियमों के मुताबिक मनोनयन के 6 महीनों के भीतर सदस्य को इस बात का खुलासा करना होता है वो किसी पार्टी से संबंद्ध होना चाहते है या फिर नहीं। हलांकि तेदुंलकर ने अबतक इस बात की ओर कोई इशारा नहीं किया है। लेकिन लोग जानते है कि सचिन कांग्रेस के करीब रहे है। फिर चाहे वो राजीव शुक्ला से नजदीकी हो या फिर राहुल गांधी से दोस्ती। सचिन और राहुल एक-दूसरे के प्रसंशक रहे है।
ऐसे में हो सकता है कि सचिन आने वाले दिनों में राहुल के साथ नजर आए। अगर ऐसा हुआ तो पार्टी को उम्मीद है कि इस का फायदा कांग्रेस को अवश्य होगा। कांग्रेस चाहती है कि सचिन पार्टी में शामिल होने के बजाए अगर लोकसभा चुनाव के दौरान उनके चुनाव अभियान में हिस्सा लेते है तो इसका फायदा निश्चित तौर पर पार्टी को होा। दरअसल सचिन युवाओं के लिए रोल मॉर्डल हौ। लोगों में उन का क्रेज है। ऐसे में कांग्रेस सचिन की छवि को अपने फायदे के लिए भुनाने की कोशिश कर सकती है।












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