चीन के विदेश मंत्री को एस जयशंकर की दो टूक, पूर्वी लद्दाख की यथास्थिति में एकतरफा बदलाव कतई स्वीकार नहीं
नई दिल्ली, 15 जुलाई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वैंग यी से बुधवार को मुलाकात की। दुशांबे में होने वाली एससीओ की बैठक से पहले जयशंकर ने चीन को साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में यथास्थिति में एकतरफा बदलाव स्वीकार नहीं है। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच एलओसी पर चल रहे विवाद के बीच भारत के विदेश मंत्री का यह बयान काफी अहम है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा पर शांति की बहाली दोनों देशों के आपसी संबंधों के विकास के लिए बेहद जरूरी है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जो बयान जारी किया गया है उसके अनुसार जयशंकर और वैंग ली ने एलएसी पर मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की, साथ ही भारत और चीन के बीच आपसी रिश्तों के तमाम पहलुओं पर भी बात हुई। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि स्टेट काउंसलर ने पैंगोग लेक पर विवाद को कम करने में और स्थिति को सुलझाने लायक स्थिति तैयार की। उम्मीद की जा रही थी कि चीन हमारे साथ मिल कर इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, लेकिन अभी भी मसले सुलझ नहीं सके हैं। एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से जुड़े मसलों को दोनों जल्द सुलझा लें, यह दोनों ही देशों के हित में है। हमे आपसी मसलों को द्वीपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हल करना है।
बता दें कि हाल ही में रिपोर्ट सामने आई थी कि एक बार फिर से भारत और चीन की सेना के बीच टकराव हुआ है और पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों पर चीन की सेना ने कब्जा करने की कोशिश की है। लेकिन भारत की ओर से इसपर सफाई देते हुए कहा गया है कि फरवरी माह की यथास्थिति यहं पर बरकरार है। दोनों पक्ष वार्ता के जरिए बात को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। थलसेना की ओर से कहा गया है कि हम पीएलए की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।












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