आरक्षण के समर्थन में उतरा RSS, दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, तबतक मिले रिजर्वेशन जबतक समाज में असमानता
नई दिल्ली, 11 अगस्त। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन किया है। आरएसएस के संगठन के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि आरएसएस आरक्षण का पुरजोर समर्थक है और इसे तबतक जारी रहना चाहिए जबतक कि समाज में असमानता खत्म नहीं हो जाती है। होसबोले ने कहा कि एक खास वर्ग समाज में जबतक असमानता का अनुभव करता है तबतक आरक्षण को जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों के इतिहास के बिना भारत का इतिहास अधूरा है। समाज में परिवर्तन लाने में उनकी अहम भूमिका रही है।

बता दें कि लोकसभा में मंगलवार को ओबीसी बिल को ध्वनि मत से स्वीकार कर लिया गया है जिसमे राज्यों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने की अनुमति दी गई है। इस बिल के पास होने के बाद होसबोले का यह बयान सामने आया है। इंडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित मेकर्स ऑफ मॉडर्न दलित हिस्ट्री किताब के विमोचन के कार्यक्रम के दौरान होसबोले ने यह बयान दिया। होसबोले ने कहा कि दलितों का इतिहास भारत के इतिहास से अलग नहीं हो सकता है, दलितों के इतिहास के बगैर भारत का इतिहास अधूरा है।
इसके साथ ही होसबोले ने साफ किया है कि सामाजिक सौहार्य और सामाजिक न्याय हमारे लिए किसी तरह की राजनीतिक रणनीति नहीं है बल्कि ये दोनों ही हमारे लिए आस्था का विषय हैं। लिहाजा आरक्षण को तबतक देश में जारी रहना चाहिए जबतक कि एक विशेष वर्ग समाज में असमानता का अनुभव करता है। समाज के सभी वर्गों में समन्वय की जरूरत है और सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है। जिन नेताओं ने समाज में बदलाव की भूमिका निभाई उन्हें दलित नेता कहना ठीक नहीं है क्योंकि उन्होंने सिर्फ दलित वर्ग की नहीं बल्कि पूरे समाज में बदलाव का नेतृत्व किया था।
संघ नेता ने कहा कि आरएसएस ने हमेशा से ही आरक्षण का समर्थन किया है और छूआछूत का पुरजोर विरोध किया है। 1969 में हमने अस्पृश्यता के विरोध में एक प्रस्ताव तक पारित किया था। जिस तरह से होसबोले ने आरक्षण को लेकर यह बयान दिया है वह कई मायनों में अहम है। दरअसल अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं, लिहाजा माना जा रहा है कि आरएसएस का यह बयान चुनावी रणनीति को साधने की दिशा में बड़ा कदम है।












Click it and Unblock the Notifications