रोहिणी घावरी vs चंद्र शेखर आजाद: अब फूटा ग़ुस्सा, बोलीं–FIR दर्ज नहीं हुई तो UN के सामने करूंगी भूख हड़ताल
Rohini Ghavari vs Chandra Shekhar Azad: भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर रेप और धोखे से शादी का आरोप लगाने वाली इंदौर निवासी रोहिणी घावरी का ग़ुस्सा अब फूट पड़ा है। स्विट्ज़रलैंड में रह रहीं रोहिणी घावरी ने 3 जुलाई (बुधवार) को एक भावुक और तीखा ट्वीट करते हुए सिस्टम से सवाल किया कि "आख़िर FIR कब होगी?"
रोहिणी घावरी ने अपने ट्वीट में कहा कि "एक हफ्ते से ज़्यादा हो गया कंप्लेंट किए हुए लेकिन अब तक कोई रिप्लाई नहीं आया। अगर इस केस में कोई सुनवाई नहीं हुई तो मुझे मजबूरन यूनाइटेड नेशंस के सामने भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा। अगर इंडिया में होती तो संसद के बाहर बैठती।"

उन्होंने आगे लिखा कि "मैं नहीं चाहती कि अपने देश का तमाशा बने, इंटरनेशनल मीडिया इस पर न्यूज़ बनाए कि भारत की बेटी की आवाज़ उसका देश ही नहीं सुन रहा... बड़ी मुश्किल से डिप्रेशन से निकल के इतनी हिम्मत की लड्डू मैं अपने आत्मसम्मान के लिए लेकिन आप लोग भी मुझे सिर्फ़ निराश कर रहे हो।"
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से आगे 'बेटी का सम्मान भी बचाओ' की मांग
रोहिणी घावरी ने ट्वीट में केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा कि "क्या अपने देश में नेताओं की ताक़त इतनी है कि एक FIR तक नहीं हो रही? मेरा गुस्सा यह सोचकर बढ़ रहा है कि एक ग़रीब गाँव की बेटी कैसे लड़ती होगी इस सिस्टम से।" उन्होंने पीएम मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे को भी याद दिलाते हुए कहा कि अब "बेटी का सम्मान भी बचाओ" ज़रूरी हो गया है।
रोहिणी घावरी व चंद्र शेखर आजाद का पूरा मामला क्या है?
इंदौर की रहने वाली रोहिणी घावरी फिलहाल स्विट्जरलैंड से पीएचडी कर रही हैं। उन्होंने चंद्रशेखर आज़ाद पर आरोप लगाया है कि साल 2021 से उनके बीच संबंध थे और शादी का झांसा देकर उनका यौन शोषण किया गया।
इस मामले में रोहिणी घावरी ने राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली पुलिस, और प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी है। उन्होंने स्विट्जरलैंड से ही पूरी प्रक्रिया में दस्तावेज़ और जानकारी भेजी है, लेकिन अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर वह बेहद नाराज़ हैं।












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