रॉबर्ट वाड्रा ने यात्रा शर्तों के उल्लंघन पर जताया खेद, ED की याचिका पर फैसला कल
नई दिल्ली, 21 सितंबर। प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ड वाड्रा के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत ने विदेश यात्रा पर लगाए गए नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने के लिए एफडीआर जब्त करने व कानूनी कार्यवाही शुरू करने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में वाड्रा के खिलाफ ईडी यानि कि प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से याचिका लगाई थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई।

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति वाड्रा ने अदालत के समक्ष बिना शर्त माफी की पेशकश की थी। एक हलफनामे में वाड्रा ने कहा कि उन्होंने अनजाने में गलती की। उन्हें दुबई में नहीं रुकना चाहिए था। वहीं, ईडी ने कोर्ट से कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। फिलहाल वह ईडी द्वारा दायर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर हैं।
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने उन पर लगाए गए नियमों और शर्तों का कथित रूप से उल्लंघन करने के लिए नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट की तरफ से 12 अगस्त को उन्हें संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) की यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। लेकिन वह दुबई में कई दिनों तक रुके थे। इसके बाद उन्होंने लंदन की यात्रा की।
सोमवार के एक आदेश में विशेष न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने ब्रिटेन की यात्रा के दौरान चिकित्सा आवश्यकता के कारण दुबई में रहने के लिए वाड्रा के स्पष्टीकरण पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह वाड्रा के इस दावे को स्वीकार करने में असमर्थ हैं। ऐसे में कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि आखिर क्यों न उनकी एफडीआर जमा की जाए।
वहीं, टिकटों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि टिकटों की एक प्रति से संकेत मिलता है कि वाड्रा को 25 से 29 अगस्त तक दुबई में रहना था, फिर वह 29 अगस्त को लंदन की यात्रा करने वाले थे। हालांकि, इसके जवाब में वाड्रा ने अपनी वापसी के बाद हलफनामे में कहा है कि वह आगे की यात्रा शुरू करने से पहले यूएई में रुके थे, क्योंकि उनके बाएं पैर में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) था और उन्हें लंबी दूरी की उड़ानों के बीच आराम करने की सलाह दी गई थी।
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