गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर और आरके माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल पद की शपथ ली
श्रीनगर। राधा कृष्ण माथुर ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के पद की शपथ ली है। जो जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। माथुर को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने समारोह में शपथ दिलाई है।

गीता मित्तल इसके बाद श्रीनगर के लिए रवाना हो गईं, जहां उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद के लिए गिरीश चंद्र मुर्मू को शपथ दिलाई। सूत्रों का कहना है कि बेशक सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू चले गए हैं, फिर भी शपथ ग्रहण समारोह श्रीनगर में ही आयोजित किया जा रहा है, ताकि देश के साथ कश्मीर के एकीकरण को दिखाया जा सके। इन शपथ ग्रहण समारोह में ना तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ना ही गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की।
73 साल के जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से देश में राज्यों की संख्या कम होकर 28 हो गई है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। जम्मू-कश्मीर में पुडुचेरी की तरह विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख, चंडीगढ़ की तरह बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश रहेगा।
बता दें मुर्मू 1985 बैच के गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक घनिष्ठ विश्वासपात्र माना जाता है। जिस वक्त पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मुर्मू उनके प्रधान सचिव थे।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार और गुरुवार की रात से बदल गए हैं। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 अब लागू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की। इसका मतलब ये कि अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर दंड संहिता की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी।












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